सोशल मीडिया पर जापानी रेफ़री की आलोचना

यूची निशिम्युरा

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विश्व कप के उद्घाटन मैच में जापानी रेफरी यूची निशिमुरा के विवादास्पद फ़ैसले की सोशल मीडिया पर ख़ूब आलोचना हो रही है.

इस फ़ैसले पर जापानी प्रशंसकों ने भी अपनी राय ज़ाहिर की है और निराशा जताई है.

रेफ़री फ़ैसले की वजह से ब्राज़ील को पेनल्टी शॉट मिला था और फिर ब्राज़ील इस मैच में 2-1 से आगे हो गया.

वैसे ब्राज़ील ने ये मैच 3-1 से जीता था.

बिल्कुल सही है कोसना

सोशल मीडिया में इस विवाद ने तूल पकड़ लिया है. सोशल मीडिया पर आए कई पोस्टों में निशिमुरा को ब्राज़ील की जर्सी पहने हुए दिखाया गया है.

एक ट्विटर हैंडल @shinokc ने ट्वीट किया है, "निशिमुरा को कोसना बिल्कुल सही है. पेनल्टी नहीं होना था क्रोएशिया के लिए बहुत दुखी महसूस कर रहा हूँ. "

एक अन्य ट्विटर हैंडल @sanadamasayuki2 ने ट्वीट किया है," यह एक दुविधा में पड़े जापानियों के लिए एक मुश्किल काम है. "

<link type="page"><caption> ब्राज़ील: मैच के दौरान रेफरी की गला काट कर हत्या</caption><url href="www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/07/130707_brazil_referee_decapitated_ml.shtml" platform="highweb"/></link>

आगे होने वाली प्रतिक्रिया की आशंका के मद्देनज़र ट्विटर हैंडल @tonbuhin ने ट्वीट किया है, " ओह अगर ब्राज़ील विश्व कप जीत जाता है तो निशिमुरा सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी होंगे.

जापान के लोग दुनिया भर से इस फ़ैसले के कारण दबाव महसूस कर रहे हैं. अर्जेंटीना में एक ट्विटर हैंडल @chizurufgarcia ने ट्वीट कर दावा किया कि स्थानीय पत्रकार ने ई-मेल कर उनसे निशिमुरा पर टिप्पणी करने को कहा है.

संदिग्ध फ़ैसले

जापान की मीडिया ने विश्व कप के इस विवाद को जगह तो दी है, लेकिन खेल दैनिक नीक्कान ने रेफरी का समर्थन किया है.

42 वर्षीय निशिमुरा को यकीनन ब्राज़ील के स्टार खिलाड़ी नेमार को लूका मॉड्रिक को कोहनी से मारने के लिए सीधे लाल कार्ड दिखाना चाहिए था.

यूची निशिम्युरा

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निशिमुरा 2004 से अंतरराष्ट्रीय रेफरी है और उन्होंने 2010 में दक्षिण अफ्रीका में हुए विश्व कप सहित कई टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया है.

2008 के अफ्रीका कप में मिस्र के साथ हुए क्वार्टर फाइनल के दौरान अंगोला के खिलाड़ियों ने निशिमुरा को धक्का दे दिया था.

2010 में कांगो प्रशंसक क्लब विश्व कप के एक मैच के दौरान उनके फ़ैसले से बहुत नाराज़ हो गए थे. जिसका बदला उन लोगों ने एक चीनी रेस्तराँ में तोड़-फोड़ कर लिया था.

दो बार वर्ष के रेफरी के रूप में जे लीग द्वारा वोट देने के बावजूद वह लंबे समय तक जापानी प्रशंसकों के बीच अपने संदिग्ध फैसलों के लिए विवादास्पद रहे हैं

एक अन्य जापानी रेफरी मासायोशी ओकाडा को 1998 के <link type="page"><caption> विश्व कप मैच</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2014/06/140612_wc2014_begins_in_brazil_tonight_sdp.shtml" platform="highweb"/></link> के एक ही मैच के बाद वापस भेज दिया गया था. इस मैच में इंगलैंड के खिलाड़ी रेफरी के रुख़ से नाराज़ हो गए थे.

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