इराक़: संसद से इमरजेंसी लगाने की अपील

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इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने देश में आपातकाल लागू करने के लिए देश की संसद से आग्रह किया है.

उन्होंने ये कदम देश के दूसरे सबसे बड़े शहर मोसूल और निनवेह प्रांत पर चरमपंथियों का कब्ज़ा हो जाने के बाद उठाया है.

मालिकी ने कहा कि उनकी सरकार मोसूल को 'आतंकवादियों के नियंत्रण में' नहीं जाने देगी.

इससे पहले अधिकारियों ने बताया कि देश के उत्तरी शहर मोसूल पर इस्लामी चरमपंथियों ने कब्ज़ा कर लिया है.

वहाँ लगातार जारी लड़ाई के पाँचवे दिन रात को सैंकडों हथियारबंद लोगों ने प्रांतीय सरकार के मुख्यालय पर कब्ज़ा कर लिया. उनके पास रॉकेट से चलने वाले ग्रेनेड, बंदूकें और मशीनगन भी थीं.

उच्च सुरक्षा वाली जेल और सैन्य हवाईअड्डे की ओर बढ़ने से पहले उन्होंने कई पुलिस थानों को भी <link type="page"><caption> ध्वस्त कर दिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/04/140425_iraq_election_rally_explosion_vt.shtml" platform="highweb"/></link>.

मंगलवार सुबह <link type="page"><caption> इराक़ के</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/06/140607_iraq_hostage_aa.shtml" platform="highweb"/></link> गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, "मोसूल सरकार के नियंत्रण से बाहर हो गया है."

'बड़े हमले'

पिछले हफ्ते, जिहादी समूह इस्लामिक स्टेट इन <link type="page"><caption> इराक़</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/03/140309_iraq_bomb_attack_sdp.shtml" platform="highweb"/></link> एंड द लेवेंट और उसके सहयोगी संगठनों ने उत्तरी और पश्चिमी इराक में कई शहरों और कस्बों पर बड़े हमले किए थे. इन हमलों में कई लोगों की जान गईं.

पश्चिमी प्रांत अनबार की राजधानी रमादी के कुछ हिस्से और पास के शहर फ़ालुजा के बड़े हिस्से पर भी पिछले दिसंबर से चरमपंथियों का कब्ज़ा है.

सुरक्षा बल इन जगहों को चरमपंथियों से मुक्त कराने में विफल रहे हैं.

इराक़ का पश्चिमी प्रांत अनबार देश में बढ़ती हुई सांप्रदायिक हिंसा का केंद्र बन गया है. 30 अप्रैल को हुए संसदीय चुनाव में हिंसा की वजह से इस प्रांत में मतदान नहीं हुआ.

2011 में अमरीका द्वारा अपने सुरक्षा बल वापस बुला लेने के बाद इराक़ में हिंसा में इज़ाफ़ा हुआ है.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>