अफ़ग़ान चुनाव आयोग के आधे कर्मचारी धांधली में बर्ख़ास्त

अफ़ग़ानिस्तान के चुनाव आयोग ने कहा है कि उसने हालिया राष्ट्रपति चुनावों के पहले चरण में धांधली करने वाले अपने पांच हज़ार से ज़्यादा कर्मचारियों को बर्ख़ास्त कर दिया है.
बर्ख़ास्त किए गए ज़्यादातर कर्मचारी अप्रैल में हुए मतदान के दौरान मतदान केंद्रों के प्रभारी थे.
अफ़ग़ानिस्तान के 'स्वतंत्र चुनाव आयोग' के प्रमुख यूसुफ़ नूरीस्तानी ने कहा है कि जिन लोगों को बर्ख़ास्त किया गया है वो चुनाव के दूसरे चरण में ड्यूटी पर नहीं रहेंगे.
राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण का चुनाव 14 जून होगा जिसमें पहले दौर में सबसे ज़्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार अब्दुल्ला अब्दुल्ला और अशरफ गनी के बीच मुकाबला होगा.
दोनों ही उम्मीदवारों ने चुनाव के पहले चरण में धांधली होने का आरोप लगाया था.
पुलिस अफसरों पर भी सवाल
लाखों अफगानों ने तालिबान की धमकियों की परवाह किए बिना चुनावों में हिस्सा लिया था, इसलिए इस बार मतदान प्रतिशत 2009 के चुनाव से दोगुना रहा.
पहले चरण के चुनावों में अफ़ग़ानिस्तान के स्वतंत्र चुनाव आयोग के पास लगभग 11 हज़ार कर्मचारी थे.
नूरीस्तानी ने बताया कि उन्होंने गृह मंत्रालय से कई पुलिस अधिकारियों को हटाने की भी मांग की है जो चुनावी धांधलियों में शामिल थे.
बीबीसी संवाददाता बिलाल सरवरी का कहना है कि दूसरे चरण के चुनाव के लिए मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है.
दूसरे चरण में जीतने वाला उम्मीदवार राष्ट्रपति हामिद करज़ई की जगह लेगा.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें.</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












