पाकिस्तानः हवाई हमले में 32 चरमपंथियों की मौत

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पाकिस्तान का कहना है कि उसने उत्तरी वज़ीरिस्तान में कुछ महीनों का सबसे बड़ा हवाई हमला किया है जिसमें कम से कम 32 चरमपंथी मारे गए हैं.
सेना का कहना है कि मारे गए चरमपंथियों में कई 'प्रमुख कमांडर' भी शामिल हैं, हालांकि उसने इन अधिकारियों के नाम नहीं बताए.
मीर अली इलाक़े के स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह-सुबह हेलिकॉप्टरों और जेट की आवाज़ों के बाद उन्हें भारी विस्फ़ोटों की आवाज़ें सुनाई दीं.
उत्तरी वज़ीरिस्तान तालिबान और अल-क़ायदा के चरमपंथियों का मजबूत गढ़ है.
यह पाकिस्तान के सात कबायली इलाकों में से एक है, जहां कानून की कोई पहुंच नहीं है लेकिन सेना ने ज़्यादातर जगहों में से चरमपंथियों को उनके ठिकानों से बाहर खदेड़ दिया है.
सरकार पाकिस्तानी तालिबान से शांति वार्ता कर रही है लेकिन देश के शक्तिशाली सेना उसके इस कदम के प्रति सशंकित है.
'दर्जनों घर गिरे'
इस हमले के ब्यौरे की पुष्टि नहीं हो सकी है क्योंकि उत्तरी वजीरिस्तान में अन्य स्वतंत्र मीडिया नहीं पहुंच सका है.
वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने कहा कि बुधवार का हमला "चरमपंथियों और उनके शीर्ष कमांडरों के ठिकानों की सटीक गुप्त सूचना मिलने के बाद ही किया गया."
इस संबंध में सेना की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है कि यह हमला चरमपंथियों को निशाना बनाकर किया गया था जो पाकिस्तान के सशस्त्र बल और पाकिस्तानी सैनिकों पर हमलों में शामिल थे.
इस महीने की शुरुआत में सड़क किनारे हुए एक धमाके में कम से कम नौ सैनिक मारे गए थे और कई गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

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लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई दर्जन घर गिर गए हैं.
एक कबाइली नसीब गुल ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को फ़ोन कर बताया, "सुबह करीब तीन बजे मुझे भारी धमाकों की आवाज़ सुनाई दी."
"मैंने देखा कि कुछ हेलिकॉप्टर इलाके के ऊपर उड़ रहे थे और कुछ गावों पर हमले कर रहे थे."
इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता किम घेट्स के मुताबिक़ इस साल के पूर्व में भी इस तरह के हवाई हमले हुए हैं, लेकिन यह अब तक का सबसे बड़ा अभियान प्रतीत होता है.
उनका कहना है कि इससे पाकिस्तान सरकार की पाकिस्तानी तालिबान से शांति वार्ता की कोशिशें कुछ और उलझेंगी.
पाकिस्तान की सरकार और पाकिस्तानी तालिबान के बीच फ़रवरी में एक दौर की वार्ता हो चुकी है, वहीं अप्रैल के मध्य में दोनों पक्षों के बीच 40 दिन का संघर्ष विराम समाप्त हो चुका है.
2007 में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान द्वारा वहां की केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ अभियान शुरू होने के बाद बम धमाकों में अब तक पाकिस्तान के दसियों हज़ार लोग मारे गए हैं.
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