माँ की सक्रियता पर निर्भर है बच्चे का स्वास्थ्य

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ब्रिटेन में पाँच सौ माँओं और उनके चार साल के बच्चों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि अधिक सक्रिय माँओं के बच्चे शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय होंगे.
इसमें कहा गया है कि बहुत से माँओं के शारीरिक व्यायाम का स्तर उससे भी कम होता है जिसकी विशेषज्ञ सलाह देते हैं.
अध्ययन में कैंब्रिज और साउथम्पटन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने सक्रियता के स्तर का पता लगाने के लिए सात दिन तक हृदय की धड़कन पर नज़र रखी.
बच्चे का स्वास्थ्य
इस अध्ययन के नतीज़े 'पिडियाट्रिक्स' नाम की विज्ञान पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं. इसमें कहा गया है कि बच्चों के स्वाथ्य को बेहतर बनाने की नीतियों को माँओं पर केंद्रित करना चाहिए.
इसमें कहा गया है कि बच्चे स्वाभाविक रूप से सक्रिय नहीं होते हैं और उनमें व्यायाम की आदत डालने में माता-पिता की महत्तपूर्ण भूमिका होती है.
अध्ययन के तहत साउथम्पटन में रहने वाली 554 माँओं और चार साल के उनके बच्चों ने एक हफ़्ते तक अपने सीने पर हृदय गति और गति मापने के लिए हल्के वज़न वाला एक यंत्र पहने रखा.
इन लोगों ने इस यंत्र को हमेशा पहने रखा, यहाँ तक की सोते समय और पानी में काम करते समय भी.
इस अध्ययन की सह लेखक और अब यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के इंस्टीट्यूट ऑफ़ चाइल्ड हेल्थ में रिसर्च एसोसिएट कैथरीन हेस्केथ कहती हैं कि माँओं और बच्चों से मिले आंकड़े माँओं और बच्चों की शारीरिक गतिविधियों के बीच एक सीधा और सकारात्मक संबंध दिखाते हैं.
वो कहती हैं, '' जिस माँ ने अधिक गितिविधि की, उनका बच्चा भी अधिक सक्रिय रहा. हालांकि इस अध्ययन के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता है कि माँएं बच्चों को अपने आसपास चलाकर उन्हें सक्रिय बना रही थीं. यह संभव है कि किसी एक जोड़े में इस तरह की गतिविधि का दूसरे जोड़े की गतिविधि पर असर डाले.''
माँ की सक्रियता
वो कहते हैं कि हर एक मिनट में मध्यम दर्जे से लेकर उच्च दर्जे तक की वह गतिविधि जिसमें माँ शामिल रहती है, उसका बच्चा उसी स्तर की गतिविधि में उससे 10 फ़ीसदी अधिक सक्रिय रहता है.
इसलिए अगर एक माँ प्रतिदिन एक घंटा अधिक सक्रिय रहेगी तो उसका बच्चा सक्रियता पर उससे 10 मिनट अधिक खर्च करेगा.
वो कहती हैं कि ये अंतर देखने में बहुत छोटे लग सकते हैं. लेकिन जब इसे आप एक महीने या एक साल के रूप में देखेंगे तो यह अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है.
माँ की सक्रियता के स्तर को प्रभावित करने वाले कारणों में यह शामिल है कि वह कामकाजी है या नहीं और बच्चे के भाई-बहन हैं या नहीं.
इस अध्ययन के सहलेखक और कैंब्रिज विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर डाइट एंड एक्टिविटि रिसर्च के डॉक्टर ईस्थर वान सूलूजस कहते हैं कि माँ और बच्चे की सक्रियता के बीच संबंध, 16 साल की आयु में स्कूल छोड़ने वाली महिलाओं की तुलना में 18 साल में स्कूल छोड़ने वाली महिलाओं में अधक मज़बूत था.
इस अध्ययन से यह भी पता चलता है कि एक बार माँ बनने के बाद महिला के सक्रितया के स्तर में गिरावट आती है और कई बार यह पूर्व की अवस्था में नहीं पहुँच पाता है.
जीवन की प्राथमिकताएं
इसमें कहा गया है कि सक्रियता में कमी उनके युवा बच्चों को प्रभावित कर सकता है.
हेस्केथ कहती हैं, '' नए माँ-पिता में कई प्रतियोगी प्राथमिकताएं हैं और सक्रियता के लिए समय निकालना उनकी प्राथमिकता में नहीं होता है. हालांकि माँओं की गतिविधि में थोड़ी सी भी बढ़त माँ और बच्चे के लिए लाभदायक हो सकती है.''
इस तरह के लाभ लेने के लिए साधारण रूप से टहलना और प्रतिदिन चलना लाभदायक होगा.
इंग्लैंड के जनस्वास्थ्य विभाग में बच्चों, नौजवानों और परिवारों के मामलों के निदेशक डॉक्टर एन हासकिंस कहते हैं, पूरे स्वास्थ्य को सुधारने के लिए परिवारों और बच्चों में शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए वो प्रतिबद्ध हैं.
उनका चेंज फ़ॉर लाइफ़ कैंपेन परिवारों को अच्छा खाने, अधिक चलने और अधिक जीने के लिए प्रेरित करता है. इसमें बच्चों के लिए प्रतिदिन एक या दो घंटे सक्रिय रहने और व्यस्कों के लिए हफ़्ते में आधा घंटा सक्रिय रहने की सलाह दी जाती है.
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