तस्करों के जाल में फंसी ब्रितानी पहुंची पाकिस्तानी जेल में

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- Author, पूनम तनेजा
- पदनाम, बीबीसी एशियन नेटवर्क
पाकिस्तान से ड्रग्स की तस्करी करने पर जेल भेजी गई ब्रितानी नागरिक का परिवार मानता है कि उसे ग़लत सज़ा दी गई है.
ब्रिटेन के बर्मिंघम की रहने वाली ख़दीजा शाह को साल 2012 में इस्लामाबाद एयरपोर्ट से गिरफ़्तार किया गया था और उन्होंने जेल में ही एक बच्ची को जन्म दिया.
ख़दीजा की मां ने अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा कि उन्हें लगता है कि 63 किलो हेरोइन लाने के मामले में ख़दीजा को तस्करों ने फंसाया है.
उन्हें ख़दीजा और उनकी बेटी, मलाइका, की सेहत की चिंता होती है. जेल अधिकारियों का कहना था कि उनसे ठीक बर्ताव किया जा रहा है.
ख़दीजा की मां का मानना है कि तस्करों ने गर्भधारण के आख़िरी महीनों वाली एक बेहद कमज़ोर महिला का फ़ायदा उठाया.
वह कहती हैं, "उसकी कोई ग़लती नहीं है, वह कुछ नहीं जानती थी. मैं अपनी बेटी को जानती हूं, वह बहुत भोली बच्ची है."
अपील की योजना
ख़दीजा के कई सूटकेसों में से एक में क़रीब 31.80 करोड़ रुपए की हेरोइन मिली थी.
उस समय 27 वर्षीय ख़दीजा ने दावा किया था कि वह यह सूटकेस किसी और के लिए ले जा रही थी और उन्हें यह अंदाज़ा नहीं था कि उनके अंदर क्या है.
रावलपिंडी की एक अदालत ने पिछले हफ़्ते उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा दी.
ख़दीजा की 60 वर्षीय मां उनके बाक़ी दो बच्चों की देखरेख कर रही हैं. इनमें सात साल का लड़का है और पांच साल की बेटी.
वह कहती हैं, "जब भी वह सोने जाते हैं अपनी मां के बारे में पूछते हैं और कई बार तो रोने लगते हैं."
दमघोंटू वातावरण
उन्होंने कहा, "छोटी बच्ची रात को रोती है. वह कहती है कि मैं अपनी मां के बारे में सोच रही हूं. मैं चाहती हूं कि मेरी मां जल्दी वापस आ जाए."
ख़दीजा की मां कहती हैं कि जेल की स्थितियां भयावह थीं. क्षमता से ज़्यादा कैदियों वाली कोठरियों में वातावरण दमघोंटू था.
ख़दीजा के वकीलों का कहना है कि वह आजीवन कारावास के ख़िलाफ़ अपील करने की योजना बना रहे हैं.
एक और रिश्तेदार ने भी अनाम रहने की शर्त पर कहा कि ख़दीजा बेगुनाह हैं.
उन्होंने कहा, "ख़दीजा इस तरह की लड़की नहीं है. उसने पहले कभी ऐसा काम कभी नहीं किया है. हमें तो लगता है कि उसे किसी ने धोखा दिया है. यक़ीनन इस मामले में उसे फंसाया गया है."
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