कर्नल गद्दाफ़ी के बेटे सादी गद्दाफ़ी गिरफ़्तार

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लीबिया की सरकार ने कहा है कि पूर्व नेता कर्नल गद्दाफ़ी के बेटे को निजैर से प्रत्यर्पित किया गया है और वो अब त्रिपोली में हिरासत में हैं.
इंटरनेट पर जारी तस्वीरों में वो सिर और दाढ़ी के बाल मुंड़ाए हुए दिख रहे हैं.
लीबिया के फ़ुटबाल फेडरेशन के पूर्व मुखिया सादी गद्दाफ़ी 2011 में हुए संघर्ष के दौरान अपने पिता के मारे जाने के बाद फ़रार हो गए थे.
उनके ख़िलाफ़ प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने और अपने पिता के शासन काल में किए गए अन्य अपराधों का आरोप है.
गुरुवार को एक संक्षिप्त बयान में लीबियाई सरकार ने सादी गद्दाफ़ी के प्रत्यर्पण के संबंध में एक घोषणा की.
बयान में कहा गया है, ''लीबियाई सरकार को सादी गद्दाफ़ी मिल गए हैं और वो त्रिपोली में पहुंच चुके हैं.''
कर्नल गद्दाफ़ी के सात बेटों में से एक सादी विमान से सुबह ही यहां पहुंचे.
<link type="page"><caption> कर्नल गद्दाफ़ी के पास थीं कई 'हरम दासियाँ'</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/09/120925_personality_gaddafi_sa.shtml" platform="highweb"/></link>
निजैर के सरकार मेहमान थे?

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बाद में दो सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी पुष्टि करते हुए बीबीसी संवाददाता राना जावेद को बताया कि सादी गद्दाफ़ी वापस आ चुके हैं और इस समय लीबियाई न्यायिक अधिकारियों की हिरासत में हैं.
निजैर ने इससे पहले सादी को प्रत्यर्पित करने की लीबिया सरकार की अपील को ठुकरा दिया था. उस समय निजैर के न्याय मंत्री ने कहा था कि वहां सादी को मौत की सज़ा पक्की है.
20012 में इंटरपोल ने एक रेड कार्नर नोटिस जारी करते हुए सदस्य देशों को उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कहा था.
सहारा मरुस्थल को पार कर फ़रार होने वाले सादी गद्दाफ़ी कथित रूप से निजैर की राजधानी में एक सरकारी गेस्टहाउस में रह रहे थे.
सादी को इतालवी फ़ुटबाल में उनके संक्षिप्त करियर के लिए जाना जाता है. एक ड्रग टेस्ट में फेल हो जाने और अपनी रंगीनमिजाजी के कारण उनका करियर असमय ही समाप्त हो गया.
मुकदमा

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साल 2011 के जनक्रांति के बाद से ही लीबिया की नई सरकार ने गद्दाफ़ी परिवार के कई सदस्यों और पूर्व अधिकारियों के प्रत्यर्पण की मांग की थी, जिसमें उसे आंशिक सफलता मिली.
इससे पहले निजैर ने लीबिया के पूर्व शीर्ष खुफ़िया अधिकारी अदुल्ला मंसूर को 14 फरवरी को प्रत्यर्पित कर दिया था.
पिछले साल जनवरी में ही गद्दाफ़ी के खुफ़िया विभाग के पूर्व मुखिया अब्दुल्ला अल सेनुस्सी को उत्तरी अफ्रीका के देश मौरितानिया ने प्रत्यर्पित कर दिया था.
लीबिया के सबसे महत्वपूर्ण कैदी, गद्दाफ़ी के बेटे <link type="page"><caption> सैफ अल-इस्लाम गद्दाफ़ी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/12/111221_saif_gaddafi_lawyer_ns.shtml" platform="highweb"/></link> को नवम्बर 2011 में गिरफ़्तार किए जाने के बाद पहाड़ी कस्बे जिंतान में रखा गया है.
क़ैदियों के ख़िलाफ़ अदालती कार्यवाही शुरू हो चुकी है लेकिन लंबी प्रक्रिया और सुरक्षा कारणों के चलते सुनवाई टलती रही है.
हालांकि, त्रिपोली की लाख कोशिशों के बावजूद गद्दाफ़ी के भतीजे और मिस्र में लीबिया के पूर्व दूत अहमद गद्दाफ-अल-डैम अभी भी मिस्र में ही रह रहे हैं.
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