कचरे के बदले स्वास्थ्य बीमा देने वाला कारोबारी

इमेज स्रोत, PA
क्या आपने कभी ऐसी स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में सुना है जिसमें प्रीमियम के तौर पर कूड़ा-कचरा लिया जाता हो?
ये बात आसानी से यक़ीन करने लायक़ शायद न हो लेकिन ये नामुमकिन बिल्कुल भी नहीं है.
जी हां, इंडोनेशिया में दुनिया की पहली गार्बेज क्लीनिकल इंश्योरेंस स्कीम कामयाबी के साथ चल रही है. इस योजना में अभी तक सैकड़ों लोग शामिल हो चुके हैं.
इस योजना की शुरुआत करने वाले 24 वर्षीय डॉ. गमाल अलबिन को यूनीलीवर ने युवा उद्यमी पुरस्कार भी दिया है. बकिंघम पैलेस में एक शानदार समारोह के दौरान प्रिंस ऑफ़ वेल्स ने गमाल को यह पुरस्कार दिया.
बीबीसी के कार्यक्रम आउटलुक के लिए एक ख़ास बातचीत में गमाल अलबिन ने बताया उन्हें इस योजना का आइडिया कूड़ा बीनने वाली एक ग़रीब लड़की से मिला. हालांकि वो लड़की 2005 में इलाज के अभाव में मर गई.
गमाल अलबिन बताते हैं, "एक डॉक्टर के तौर पर मैंने तय किया कि ऐसा नहीं होना चाहिए और निश्चित रूप से मुझे कुछ करना चाहिए."
गमाल एक ऐसी स्वास्थ्य बीमा योजना तैयार करना चाहते थे, जिसे सभी लोग हासिल कर सकें. उन्होंने बताया कि अपने दोस्तों और अध्यापकों से एक लंबी चर्चा के बाद उन्होंने गार्बेज क्लीनिकल इंश्योरेंस स्कीम को तैयार किया.
अनोखी योजना
उन्होंने बताया, "इंडोनेशिया में लोग अपने कचरे को फेंकने के लिए हर महीने एक से तीन डॉलर ख़र्च करते हैं. मैंने उनसे कहा कि आप अपना कचरा मुझे दीजिए और बदले में मैं आपको प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बीमा कवर दूंगा."

इमेज स्रोत, ROHIT GHOSH
बीमाधारकों से प्रीमियम के तौर पर कचरे के अलावा कोई धनराशि नहीं ली जाती है.
आज़ादी
ऐसे में सवाल लाज़िमी है कि गमाल इस कचरे का करते क्या हैं?
वो बताते हैं, "हम आर्गेनिक कचरे से खाद बनाते हैं. दूसरे कचरे को हम रिसाइकिल करके दोबारा इस्तेमाल में लाते हैं." उन्होंने खाद बेचने के लिए किसानों के साथ समझौता भी किया है.
वो बताते हैं कि जब उन्होंने सबसे पहले इस योजना के बारे में लोगों से चर्चा शुरू की तो "लोग बहुत ख़ुश हुए. उन्होंने मुझे गले लगा लिया और चूम लिया."
गमाल बताते हैं कि पहले लोग परेशान रहते थे, लेकिन इस प्रोजेक्ट ने उन्हें कचरे से और स्वास्थ्य चिंता, दोनों से आज़ादी दिलाई है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












