सीरिया: होम्स के लोगों को निकालने का काम शुरू

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सीरिया की सरकार और विद्रोही गुटों के बीच पिछले दिनों हुए अस्थायी समझौते के बाद हिंसाग्रस्त होम्स शहर से नागरिकों को निकालने का सिलसिला शुरू हो गया है.
पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र की पहल पर दोनों पक्षों के बीच जिनेवा में कई दौर की बातचीत हुई थी. इसी बातचीत में यह तय हुआ था कि होम्स में मानवीय सहायता पहुँचाने दी जाएगी और वहाँ से लोगों को सुरक्षित बाहर भी निकालने दिया जाएगा.
सबसे पहले इस शहर से एक बस द्वारा 12 बुजुर्ग पुरुषों और महिलाओं को सुरक्षित निकाला गया. माना जा रहा है कि होम्स में 3000 लोग फंसे हुए हैं.
सीरियाई सेना और विद्रोहियों के बीच संयुक्त राष्ट्र की पहल पर हुई बातचीत के तहत होम्स में शनिवार को राहत सामग्री भी पहुंचाई जाएगी.
जैतून खाकर जिंदा
होम्स ओल्ड सिटी के कई इलाक़े जून 2012 से ही सेना के कब्जे में हैं.
यहाँ आसपास की बस्तियाँ खंडहरों में तब्दील हो चुकी हैं. कार्यकर्ताओं का कहना है कि कई लोग तो हफ्तों से केवल जैतून खाकर जिंदा हैं.
होम्स के मौजूदा हालात पर जिनेवा में शांतिवार्ता के दौरान एक हफ्ते पहले चर्चा हुई थी.
शांतिवार्ता का अगला दौर 10 फरवरी से शुरू होगा. सीरियाई सरकार ने इस इस वार्ता में भाग लेने की पुष्टि कर दी है.

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होम्स के गवर्नर तलाल बराजी ने पहले माहौल को 'सकारात्मक' बताया था, जब इलाके को खाली कराने की योजना बन रही थी. यह योजना साजो-सामान की कमी के कारण थोड़ा विलंब से शुरू हुई.
उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि ओल्ड सिटी को छोड़ कर जाने की इच्छा रखने वाले नागरिकों को यहां से सुरक्षित निकालने का हमारा पहला कदम सफल होगा और ये अभियान कल और परसों भी जारी रहेगा.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के प्रवक्ता फरहान हक ने कहा है कि राहत सामग्री होम्स की सीमा पर मौजूद है और संबंधित पक्षों की ओर से इलाक़े में भेजे जाने की हरी झंडी मिलने का इंतज़ार करेगी.
उन्होंने बताया कि वहां कुछ अतिरिक्त सहायताकर्मी कर्मचारी भी तैनात रहेंगे.
समझौता

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सीरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि होम्स के गर्वनर और सीरिया में मौजूद स्थानीय संयुक्त राष्ट्र समन्वयक के बीच हुए समझौते के तहत "निर्दोष नागरिकों" को इलाके से बाहर जाने की इजाजत होगी.
उप विदेश मंत्री फैजल अल मेकदाद ने कहा, "हमें इस बात की खुशी है कि आखिरकार हमें ओल्ड होम्स के लोगों को बाहर निकालने और मानवीय सहायता के हकदार लोगों तक सहायता पहुंचाने के रास्ते मिल गए हैं."
फैजल अल मेकदाद ने आगे कहा, "शर्त केवल यह है कि सहायता सामग्री और मदद चरमपंथियों या बंदूकधारियों के हाथ नहीं लगनी चाहिए."
विकल्प

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अमरीकी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता जेन साकी ने समझौते का स्वागत किया है. साथ ही उन्होंने इस बात की भी आशंका जताई है कि इलाके से नागरिकों को हटाया जाना मानवीय सहायता की सुरक्षित, नियमित और स्वतंत्र आपूर्ति का विकल्प नहीं है.
उन्होंने कहा, "ऐसे शासन को कोई श्रेय नहीं दिया जा सकता जो भूख से मर रहे लोगों को मात्र कुछ दिनों के लिए खाना उपलब्ध करवाए."
होम्स सीरिया का तीसरा बड़ा शहर है. यह शहर राष्ट्रपित बशर अल असद के खिलाफ विद्रोह का प्रमुख केंद्र रहा है.
शहर का अधिकांश हिस्सा शुरू में विद्रोही लड़ाकों के अधीन रहा. लेकिन सरकारी बलों ने जब से इस इलाके को फिर से अपने नियंत्रण में लिया है विरोधियों का ओल्ड सिटी में जमावड़ा होने लगा.
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार विद्रोह शुरू होने के बाद से अब तक एक लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई है.
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