ब्राज़ील: फ़ुटबॉल विश्वकप का विरोध, 128 हिरासत में

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहन और सरकारी इमारतों को निशाना बनाया.

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इमेज कैप्शन, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहन और सरकारी इमारतों को निशाना बनाया.

ब्राज़ील में इस साल होने वाले फ़ुटबाल विश्व कप के आयोजन के ख़िलाफ़ हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद उग्र टकराव हुए हैं. साओ पाओलो पुलिस के अनुसार उसने 128 लोगों को हिरासत में लिया है.

इस दौरान एक कार में लगा दी गई. दुकानों, बैंकों और पुलिस की गाड़ियों को भी नुक़सान पहुँचा है.

इस हिंसा के कारण अधिकारियों को साओ पाओलो शहर की 460वीं वर्षगांठ पर होने वाले कुछ आयोजनों को रद्द करने को बाध्य होना पड़ा.

इसके पहले तक़रीबन साओ पाओलो में करीब ढाई हज़ार प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर फ़ुटबॉल विश्व कप के आयोजन में होने वाले ख़र्च का विरोध किया.

प्रदर्शनकारी केंद्रीय साओ पाओलो में झंडे, बैनर लहराने के साथ ही नारा लगा रहे थे कि "यहाँ कोई कप नहीं होगा"

सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर भी ब्राज़ील के कई नागरिकों "फ़ीफ़ा वापस जाओ" कहकर इस आयोजन का विरोध किया. फ़ीफ़ा फ़ुटबॉल विश्व कप कराने वाली नियामक संस्था है.

इसी तरह के प्रदर्शन रियो डी जेनेरियो और दूसरे शहरों में भी हुए हैं.

आयोजनस्थल पर प्रदर्शन

प्रदर्शनकारी बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन की मांग कर रहे हैं.

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विश्वविद्यालय के एक छात्र लियोनार्दो पेलेग्रिनी डास सांटोस ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस से कहा, ''विश्व कप में लाखों-लाख डॉलर खर्च करने के हम ख़िलाफ़ हैं.''

वे कहते हैं, ''इस धन का इस्तेमाल बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, और परिवहन आदि सुविधाओं के लिए किया जाना चाहिए.''

ब्राज़ील के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित नताल शहर, जहां विश्व कप होना है, में भी आयोजन स्थल से 15 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है.

पिछले साल भी क़रीब 10 लाख से ज़्यादा लोगों ने ब्राज़ील के विभिन्न शहरों में बेहाल सार्वजनिक सुविधाओं, भ्रष्टाचार और विश्व कप के आयोजन के ख़र्च को लेकर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया था.

प्रदर्शनों के कारण राष्ट्रपति डिल्मा रुसेफ़ को राजनीतिक सुधार के लिए जनमत संग्रह का प्रस्ताव देना पड़ा.

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग-सार्वजनिक परिवहन- की स्थिति सुधारने के लिए राष्ट्रपति ने 50 अरब रियास (करीब 160 अरब रुपए) के फ़ंड की घोषणा भी की थी.

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