देवयानी के ख़िलाफ़ मामले वापस नहीं होंगे: अमरीका

- Author, सलीम रिज़वी
- पदनाम, न्यूयॉर्क से बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े से कथित दुर्व्यवहार के मामले में अमरीका की विदेश मंत्रालय की उप-प्रवक्ता मैरी हार्फ़ ने कहा है कि देवयानी के ख़िलाफ़ दाख़िल मामले रद्द नहीं किए जाएंगे.
भारत के साथ साझेदारी को अहम बताते हुए मैरी हार्फ़ ने कहा, “हम नहीं चाहते हैं कि इस मामले का असर अमरीका और भारत के बीच के रिश्तों पर पड़े. हम बड़े मुद्दों पर साथ काम करते हैं और हमारे रिश्ते बेहद महत्वपूर्ण हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “भारतीय सहयोगियों के साथ हमारी सकारात्मक बातचीत चल रही है और इस वक्त भी हम वही कर रहे हैं, इस साझेदारी को देखते हुए प्रक्रिया को अपनी स्वाभाविक गति पर चला रहे हैं.”
हालांकि एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए हार्फ़ ने देवयानी खोबरागड़े के खिलाफ़ मामलों को वापस लिए जाने की संभावनाओं को ख़ारिज कर दिया.
उन्होंने कहा, “राजनयिक के ख़िलाफ़ मामले रद्द नहीं किए जाएँगे. हम पूरी प्रक्रिया पर नज़र बनाए हुए हैं और संभावित परिस्थितियों की तैयारी कर रहे हैं.”
वीज़ा घोटाला और स्थानांतरण
39 वर्षीय भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े को 12 दिसंबर को अपनी नौकरानी को प्रताड़ित करने और वीज़ा घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद ढाई लाख अमरीकी डॉलर के बॉन्ड पर उन्हें रिहा कर दिया गया.
गिरफ्तारी के बाद राजनयिक की निर्वस्त्र तलाशी और पेशेवर अपराधियों के साथ कोठरी में रखे जाने पर दोनों देशों के बीच रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे.
भारत सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए अपने राजनयिक से हुए दुर्व्यवहार पर ऐतराज़ जताया था.
अब भारत सरकार ने देवयानी खोबरागड़े को संयुक्त राष्ट्र के स्थाई मिशन पर स्थानांतरित कर दिया है ताकि उन्हें राजनयिक संरक्षण मिल सके.
मैरी हार्फ़ ने कहा है कि अमरीका का विदेश मंत्रालय खोबरागड़े के स्थानांतरण के आवेदन और इससे जुड़े ज़रूरी दस्तावेज़ जारी करने पर विचार कर रहा है.
उन्होंने कहा, “हमें संयुक्त राष्ट्र से दस्तावेज़ मिले हैं. हम फ़िलहाल इस पर विचार कर रहे हैं और मेरे पास इस समय इससे ज़्यादा कुछ बताने को नहीं है.”
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अमरीकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने उन रिपोर्टों को भी खारिज किया है जिनमें कहा गया है कि भारत में अमरीकी दूतावास अपने कर्मचारियों को तय वेतन से कम दे रहा है या कोई स्थानीय कानून तोड़ रहा है.
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