चीनः एक शीर्ष अधिकारी भ्रष्टाचार जाँच के दायरे में

चोउ योंगखांग के सहयोगी रह चुके चीन के एक शीर्ष राजनीतिक सलाहकार पर भ्रष्टाचार के मामले की जाँच हो रही है. शिचुआन प्रांत के अधिकारी ली चांगझी पर 'अनुशासन और क़ानून के उल्लंघन' के आरोप हैं.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ संघर्ष कम्युनिस्ट पार्टी की शीर्ष प्राथमिकता है.
शनिवार को सरकारी मीडिया ने कहा कि चुनाव के दौरान रिश्वत लेने के मामले सामने आने के बाद पाँच सौ से ज़्यादा अधिकारियों ने अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है.
कम्यूनिस्ट पार्टी की वेबसाइट पर जारी एक वक्तव्य में कहा गया, "ली चांगझी, शिचुआन प्रांत के चीनी पीपुल्स पॉलिटिकल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख की वर्तमान में अनुशासन और क़ानून के उल्लंघन मामले में जाँच हो रही है."
पार्टी की वेबसाइट पर जारी बयान में और ज़्यादा जानकारी नहीं दी गई है.
इस बयान पर ली ने सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है.
जाँच की अफ़वाह

पिछले साल चीन के तमाम शीर्ष अधिकारी जाँच के घेरे में आए थे. पूर्व ऊर्जा प्रमुख जियांग जेमिन और शिचुआन के पूर्व पार्टी उप-प्रमुख ली चूं चंग पर भ्रष्टाचार में शामिल होने के माले की जाँच चल रही है. ये दोनों पूर्व में चीन के शीर्ष नेता <link type="page"><caption> चोउ योंगखांग</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/12/131217_zhou_yongkang_purge_rns.shtml" platform="highweb"/></link> के साथ काम कर चुके हैं.
संवाददाताओं का कहना है कि चोउ के बारे में अफ़वाह थी कि उनकी भ्रष्टचार में संलिप्तता की जाँच हो रही थी.
चोउ चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के सबसे शक्तिशाली राजनीति समूह पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य रहे हैं. उनको <link type="page"><caption> भ्रष्टाचार</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/12/131217_zhou_yongkang_purge_rns.shtml" platform="highweb"/></link> और सत्ता के दुरुपयोग मामले में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे बो शिलाई का संरक्षक माना जाता है.
शी जिनपिंग ने चेतावनी दी थी कि भ्रष्टाचार कम्यूनिस्ट पार्टी को कमज़ोर कर सकता है. उन्होंने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अभियान शुरू करे हुए कहा था कि बाघ और मक्खियों को पकड़ा जाएगा, उनका इशारा सरकार में काम करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों की तरफ़ था.
इस तरह के मामलों में बढ़ोत्तरी के कारण अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है, चीन में अफ़वाह फैलाने के लिए पत्रकारऔर एक हाई-प्रोफाइल ब्लॉगर को गिरफ़्तार किया गया था.
<italic><bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link>पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold></italic>












