चीनः बीस साल से गड्ढे में रह रही है महिला

चीन की कुआन योझी ग़रीबी की वजह से पिछले बीस साल से एक छोटे से गड्ढे में रात गुज़ारने को मजबूर हैं. ये ख़बर चीन के सरकारी अख़बार चायना डेली में प्रकाशित हुई है.
इस रिपोर्ट के मुताबिक़ यह महिला पिछले 20 सालों से ज़मीन के नीचे रह रही है. इसकी वजह यह बताई गई है कि 66 साल की यह बुज़ुर्ग महिला बेहद गरीब हैं और उनके पास अपने पैतृक गांव जाने के लिए पैसे तक नहीं हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि शांगचिउ के पूर्वी इलाक़े में मौजूद अपना घर ढह जाने के बाद <link type="page"><caption> कुआन योझी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130606_old_woman_jackpot_sy.shtml" platform="highweb"/></link> बीजिंग में एक भूमिगत जगह में रहने लगीं. यह जगह ज़मीन के नीचे एक गड्ढे से ज़्यादा कुछ नहीं.
कुआन को जब नहाना-धोना होता है, तो वे पास के लिडो पार्क में बने वॉशरूम में चली जाती हैं. उनके पति भी पास वाले गड्ढे में रहते हैं. दोनों में अक्सर तनातनी रहती है.
योझी ज़मीन के नीचे जहां रहती हैं, वहां से पानी का एक गर्म पाइप गुजरता है. यह गर्म पाइप उनके लिए राहत भी है और आफ़त भी.

राहत इसलिए कि इस पाइप के कारण उनकी वह नौ वर्ग मीटर की कोठरी जाड़े में एकदम गर्म रहती है. मगर गर्मी का मौसम आते ही ये पाइप कुआन के लिए तकलीफ़ बन जाता है.
इस पाइप के कारण गर्मी में यह जगह इतनी तपने लगती है कि कुआन को ज़मीन से बाहर आकर खुले में रहना पड़ता है.
संविधान
बरसात में भी कुआन को आसमान के नीचे ही सोना पड़ता है क्योंकि बारिश में यह जगह पानी में पूरी तरह डूब जाती है.
66 साल की <link type="page"><caption> ये बुज़ुर्ग</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/08/130806_91year_job_va.shtml" platform="highweb"/></link> अपनी रोज़ी-रोटी के लिए खाली डिब्बे और बोतलें इकट्ठा करती हैं. उनकी ख़्वाहिश है कि वे अपना एक घर बनाएं, मगर इसके लिए उनके पास पैसे नहीं हैं.

चीन में प्रवासी मज़दूरों और बुज़ुर्गों के लिए ग़रीबी और आवास एक गंभीर समस्या बनती जा रही है.
चीनी यूथ यूनिवर्सिटी के राजनीति विज्ञान के प्रोफ़ेसर चेन ताओ ने चायना डेली अख़बार को बताया, "चीन का संविधान कहता है कि अपने बुज़ुर्ग माता-पिता की आर्थिक मदद करना उनके परिवार का दायित्व है. इसी वजह से बुज़ुर्गों को चीनी समाज से बहुत अधिक मदद नहीं मिल पाती."
बीजिंग की 'क्रीम वेबसाइट' की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि स्थानीय अख़बारों में कुआन की कहानी छपने और लोगों को इसकी जानकारी होने के बाद अब कुआन के घर का सपना जल्द पूरा होने वाला है.
वेबसाइट के अनुसार स्थानीय अधिकारियों ने कुआन और वहां रहने वाले कई और बुज़ुर्गों के ज़मीन के नीचे रहने की जगह को सीमेंट से बंद कर दिया है.
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