पाक: पोलियो टीम के रक्षकों पर हमला, एक अफसर की मौत

पाकिस्तान के स्पेशल पुलिस अधिकारी नईम ख़ान खटक इस हमले में घायल हुए हैं.
इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के स्पेशल पुलिस अधिकारी नईम ख़ान खटक इस हमले में घायल हुए हैं.

पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत की राजधानी पेशावर में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने वाली टीमों को सुरक्षा देने वाले सुरक्षाकर्मियों पर अज्ञात लोगों के हमले में एक पुलिस अफ़सर की मौत हो गई है और एक ज़ख़्मी हो गया है.

पेशावर से बीबीसी उर्दू के संवाददाता अज़ीज़ उल्ला ख़ान ने बताया कि दोनों पुलिस अफ़सरों को पोलियो की दवा पिलाने वाली टीमों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था.

ड्यूटी के बाद जब वे वापस आ रहे थे तो अज्ञात लोगों ने उन पर गोली चला दी.

एक पुलिस अफ़सर ने बताया कि हमलावर जाते हुए पुलिस अफ़सरों की बंदूक साथ ले गए हैं. अभी तक किसी भी गुट ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

पाकिस्तान में पिछले एक साल से पोलियो की दवा पिलाने वाली टीमों पर हमले हो रहे हैं, जिसके बाद इस काम में लगे लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए उनके साथ पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.

ख़तरनाक ड्यूटी, कमज़ोर ट्रेनिंग

शनिवार को हुए हमले में मारे गए अधिकारी का संबंध विशेष पुलिस फोर्स से था.

स्पेशल पुलिस फ़ोर्स में युवाओं को ख़ासकर विशेष तनख़्वाहों पर भर्ती किया जाता है और उन्हें न तो उचित ट्रेनिंग दी जाती है और न ही उन्हें किसी क़िस्म की विशेष सुविधा दी जाती है. जबकि उन्हें बेहद ख़तरनाक समझी जाने वाली ड्यूटियों पर तैनात किया जाता है.

पेशावर पोलियो वैन पर हमला
इमेज कैप्शन, फ़ाइट फ़ोटो. पाकिस्तान में पहले भी पोलियो टीमों पर हमला हुआ है.

मारे गए ज़ाकिर अफ़रीदी स्पेशल पुलिस फ़ोर्स के सदस्य थे और उन्हें दस हज़ार रुपये प्रति महीने की तनख़्वाह पर भर्ती किया गया था.

स्पेशल पुलिस फ़ोर्स के कर्मचारी मारे जाने या घायल होने की स्थिति में किसी तरह की आर्थिक सहायता पाने के हक़दार नहीं होते हैं.

बीते एक साल में पोलियो टीमों पर होने वाले हमलों में लगभग दो दर्जन लोग मारे गए हैं जिनमें ज़्यादातर इन टीमों के सुरक्षा मुहैया करवाने वाले पुलिसकर्मी शामिल हैं.

चरमपंथियों का मानना है कि बच्चों को पोलियो से बचाने वाली दवा पिलाने वाली टीमें पश्चिमी देशों के जासूस है या यह मुसलमानों को वंश बढ़ाने से रोकने का षड्यंत्र है.

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