पेशावरः पोलियो दल पर हमला, दो की मौत

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पाकिस्तान में एक पोलियो उन्मूलन अभियान को निशाना बनाकर किए गए बम विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों में एक पुलिसकर्मी भी शामिल है.

यह विस्फ़ोट पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी शहर पेशावर के बुध भेर इलाके में एक अस्पताल के पास वैन में हुआ.

इससे पहले छह लोगों की मौत की ख़बर थी लेकिन बाद में पुलिस ने यह संख्या दुरुस्त कर दी.

पाकिस्तान दुनिया के उन तीन देशों में शामिल है जहाँ पोलियो अभी भी काफ़ी इलाकों में मौजूद है. इसकी एक वजह पोलियो उन्मूलन अभियान को लेकर चरमपंथियों का विरोध भी है.

कई घायल

<link type="page"><caption> चरमपंथियों</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/10/131002_al-qaeda_admissions_rt.shtml" platform="highweb"/></link> से कुछ इलाकों में टीकाकरण को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर रखा है. इस वजह से लाखों बच्चों को पोलियो की वैक्सीन नहीं दी जा पा रही है.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतकों में से एक तालिबान का विरोध करने वाला स्थानीय शांति समिति का सदस्य था. वह पोलियो उन्मूलन अभियान के दल में शामिल था.

खबरों के मुताबिक कम से कम 12 लोग घायल हो गए हैं जिनमें कई पुलिसकर्मी हैं. हालांकि एक तस्वीर में एक घायल बच्ची को भी दिखाया गया है.

पुलिसकर्मी स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए वैन में साथ-साथ चल रहे थे.

एक पुलिसकर्मी राशिद ख़ान ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "मैं पोलियो टीम के साथ था. जैसे ही हम अस्पताल के सामने पहुंचे... मुख्य गेट के ठीक सामने धमाका हो गया."

पेशावर पोलियो उन्मूलन दल विस्फोट
इमेज कैप्शन, विस्फोट के बाद एक बच्ची को घायल अवस्था में ले जाते हुए देखा गया

वह कहते हैं, "हम करीब 12 या 13 लोग थे."

बताया जा रहा है कि विस्फ़ोटक में धमाका रिमोट से किया गया था.

पाकिस्तानी न्यूज़ वेबसाइट डॉन ने पुलिस के हवाले से कहा है कि एक दूसरा, बड़ा बम पहले बम के नज़दीक ही मिला था और बम निरोधक दस्ते ने उसे निष्क्रिय कर दिया.

ब्रिटेन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त, वाजिद शम्सुल हसन, ने कहा कि ऐसे हमलों का उद्देश्य दुनिया में प्रचार पाना "और दुनिया के लोगों को पाकिस्तान की सहायता करने आने से डराना है जबकि हमें.... इसकी बहुत ज़्यादा ज़रूरत है."

इससे पहले 2011 में सीआईए की मदद से चोरी-छिपे चलाए गए फर्जी हेपेटाइटिट टीकाकरण अभियान के जरिए अलकायदा के नेता ओसामा बिन लादेन का ठिकाना पता लगाने में मदद मिली थी.

इसके बाद अमरीकी नेवी सील ने विशेष अभियान के तहत <link type="page"><caption> ओसामा बिन लादेन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/08/130829_bin_laden_doctor_retrial_rns.shtml" platform="highweb"/></link> को मार डाला.

तालिबान स्वास्थ्य कर्मियों पर अमरीकी जासूस होने का आरोप लगाता है. उसका आरोप है कि पोलियो वैक्सीन बच्चों को नपुंसक बना रही है.

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