'अमरीका के ग़ुलामों' से कोई शांतिवार्ता नहीं होगीः पाकिस्तानी तालिबान

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने कहा है कि वो अमरीका के ग़ुलाम पाकिस्तानी हुकूमत से बातचीत नहीं करेगा.
संगठन ने अपने एक बयान में पाकिस्तानी फ़ौज के लिए सख़्त लफ़्ज़ों का इस्तेमाल किया है जिसमें 'नापाक' जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है.
पिछले हफ़्ते एक अमरीकी ड्रोन हमले में पाकिस्तानी तालिबान के मुखिया बेहतुल्लाह महसूद की मौत हो गई थी. ये हमला ठीक उस समय हुआ जब पाकिस्तान की नवाज़ शरीफ़ सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल तालिबान से बातचीत के लिए जाने वाला था.
वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने सोमवार को कैबिनेट की बैठक में कहा कि पाकिस्तानी सरकार शांति स्थापित करने के लिए सर्वदलीय सम्मलेन के फ़ैसले की रोशनी में शांति वार्ता को आगे बढ़ाएगी.
लेकिन इस मामले पर कड़ा रूख़ अपनाते हुए इमरान ख़ान की तहरीके इंसाफ़ पार्टी ने मांग की है कि पाकिस्तान के रास्ते अफ़ग़ानिस्तान जाने वाली नेटो सप्लाई को 20 नवंबर तक रोका जाए वरना ख़ैबर पख़्तूनख्वाह की सूबाई सरकार इसपर अपना फ़ैसला लेने को मजबूर हो जाएगी.
सूबे में तहरीके इंसाफ़ की सरकार है जहां विधान सभा में इस मामले पर एक प्रस्ताव पारित किया गया है.
नए प्रमुख
विशेष सर्वदलीय बैठक में दिए गए अपने भाषण में नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि शांति वार्ता को पटरी से नहीं उतरने दिया जाएगा और इस संबंध में तमाम राजनीतिक पार्टियों से चर्चा की जाएगी.
तालिबान के प्रवक्ता ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि संगठन के वरिष्ठ कमांडरों की एक बैठक के बाद असमतुल्लाह शाहीन बिटानी को कार्यवाहक प्रमुख नियुक्त किया गया है और आने वाले कुछ दिनों में <link type="page"><caption> नए प्रमुख का चुनाव</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/11/131102_pakistan_says_drone_attack_killed_peace_process_dil.shtml" platform="highweb"/></link> कर लिया जाएगा.
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के प्रमुख <link type="page"><caption> हकीमुल्लाह महसूद की एक ड्रोन हमले में मौत</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/11/131101_top_taliban_commander_killed_drona_attack_dil.shtml" platform="highweb"/></link> के बाद तालिबान की ओर से जारी होने वाले पहले बयान में बेहद सख़्त भाषा का इस्तेमाल किया गया है. हकीमुल्लाह की मौत का बदला लेने की धमकी भी दी गई है.
<link type="page"><caption> चरमपंथी कैसे करते हैं एक दूसरे से संपर्क?</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/11/131102_communication_terrorists_nn.shtml" platform="highweb"/></link>
'नापाक फ़ौज'

बयान में हकीमुल्लाह की मौत के लिए 'नापाक' पाकिस्तानी फ़ौज और अमरीका को ज़िम्मेदार क़रार दिया गया है.
हालांकि नवाज़ शरीफ़ ने अपने भाषण में फ़ौज को 'नापाक' कहे जाने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के प्रवक्ता ने अपने बयान में पाकिस्तान सरकार के साथ शांतिवार्ता न करने का ऐलान करते हुए कहा कि, "अमरीकी ग़ुलामों के साथ किसी भी तरह की कोई शांतिवार्ता नहीं हो सकती."
साथ ही बयान में पाकिस्तानी फ़ौज पर आरोप लगाया गया कि उसने अमरीका से पाँच करोड़ डॉलर लिए हैं. इस बयान में फ़ौज के बारे में भी बेहद सख़्त ज़ुबान का इस्तेमाल किया गया है.
अमरीका ने <link type="page"><caption> हकीमुल्लाह महसूद</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/11/131101_hakimullah_mehsud_life_in_pictures_dil.shtml" platform="highweb"/></link> के सिर पर पाँच करोड़ अमरीकी डॉलर का इनाम घोषित कर रखा था.
संकट नहीं
इस बयान में तालिबान ने <link type="page"><caption> पाकिस्तानी मीडिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/11/131102_pakistan_media_us_sabotage_peace_talk_with_taliban_rd.shtml" platform="highweb"/></link> की भी तीखी आलोचना की है. पाकिस्तान तालिबान के प्रवक्ता शाहिदुल्लाह शाहिद ने मीडिया की उन ख़बरों का भी खंडन किया जिनमें कहा गया था कि पाकिस्तानी तालिबान संकट का शिकार है.
उन्होंने कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान किसी संकट का शिकार नहीं है और नए प्रमुख के चुनाव के लिए शूरा अगले चंद दिनों में फ़ैसले का ऐलान करेगी.
उन्होंने पाकिस्तानी मीडिया में हकीमुल्लाह महसूद के उत्तराधिकारी के चुनाव के संबंध में प्रकाशित होने वाली ख़बरों को बेबुनियाद करार देते हुए कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान कोई लोकतांत्रिक संगठन नहीं है जो बहुमत के आधार पर नए प्रमुख का चुनाव करेगी.
नेटो सप्लाई
वहीं ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह की असेंबली ने एक सर्वदलीय प्रस्ताव पारित करके पाकिस्तान सरकार से कहा है कि वह बीस नवंबर तक नेटो की सप्लाई बंद कर दे वरना प्रांतीय सरकार स्वयं सप्लाई रोक देगी.
इस प्रस्ताव में अमरीका के जासूसी ड्रोन की उड़ान रोकने के लिए कहा गया है. प्रांतीय असेंबली की बैठक तहरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी के अध्यक्ष इमरान ख़ान के बयान के बाद बुलाई गई थी.
इमरान ख़ान की पार्टी ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह की सरकार में शामिल है. उन्होंने ख़ैबर से नेटो सप्लाई न गुज़रने देने की बात कही थी.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक </caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












