चीन के गाँव में ज़मीन को लेकर तनाव

<link type="page"><caption> चीन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/10/131026_china_corruption_aa.shtml" platform="highweb"/></link> के दक्षिणी यूनान प्रांत में एक छोटे से गाँव में पिछले हफ़्ते गाँव वालों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प के बाद तनाव बरकरार है.
ग्वांगची में रहने वाले कई सौ लोगों को पुलिस ने घेर रखा है. दरअसल पुलिस झड़प में शामिल लोगों को गिरफ़्तार करना चाहती है.
इस झड़प में 44 गाँव वाले और 27 पुलिस वाले घायल हो गए थे. ये झड़प उस वक्त शुरू हुई जब पुलिस ने दो स्थानीय निवासियों को गिरफ़्तार करने की कोशिश की थी.
इस जगह पर प्रांतीय बिल्डर अरबों रुपए की लागत से एक इमारत बनाना चाहते हैं जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने, जबकि स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं.
69 वर्षीय वांग चनक्रोंग और उनके बेटे वांग छुनयुन ज़मीन की ख़रीद के सौदे पर विरोध का नेतृत्व कर रहे हैं.
पिछले हफ़्ते की झड़प में कई सौ लोग शामिल थे जिसमें पुलिस ने आंसू-गैस और अज्ञात विस्फ़ोटकों का इस्तेमाल किया. गाँव वालों ने मुकाबले के लिए फावड़े, हंसिए आदि का इस्तेमाल किया.
एक स्थानीय ग्रामीण नेता फू योंगफ़ांग ने कहा, “अब जबकि गाँव वाले डरे हुए हैं, सरकार उन्हें जेल भेजने के बहाने ढूँढ रही होगी. सरकारी ज़मीन हथियाने के कई मामलों में जो कार्यकर्ता अपनी ज़मीन बचाना चाहते थे सभी गायब हो गए.”
फ़ू योंगफ़ांग और वांग चनक्रोंग और उनके बेटे वांग ने कई महीने ग्रामीणों को उनके हक़ के बारे में शिक्षित करने में बिताए हैं, इसलिए वो पुलिस के निशाने पर हैं.
गाँव वालों का कहना है कि बूढ़े लोग गाँव से बाहर या फिर वापस आ-जा पा रहे हैं लेकिन झड़प में शामिल युवा ऐसा करने से घबरा रहे हैं.
कब्ज़ा

ग्वांगची गाँव यूनान की राजधानी खुनमिंग से 30 मिनट की दूरी पर स्थित है.
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यहाँ बनने वाली इमारत को यूनान के कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेताओं का समर्थन प्राप्त है. इस इमारत को बनाने में 20,000 एकड़ ज़मीन की ज़रूरत होगी.
आधी ज़मीन पर बिल्डरों ने पहले ही कब्ज़ा कर लिया है. ग्वांगची निवासी घरों से लगी 4,000 एकड़ ज़मीन को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
<link type="page"><caption> आसपास</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/10/131026_china_reporter_confession_akd.shtml" platform="highweb"/></link> के गाँव वाले भी ग्वांगची निवासियों की मदद कर रहे हैं. उनका कहना है कि पिछले कुछ महीनों में उन्होंने भी ऐसी हिंसक झड़पें देखी हैं.
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