मिस्र: अज्ञात हमलावरों ने की ईसाइयों पर अंधांधुंध फायरिंग

जब लोग चर्च से बाहर निकल रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उस वक्त अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरु कर दी.
इमेज कैप्शन, जब लोग चर्च से बाहर निकल रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उस वक्त अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरु कर दी.

मिस्र की राजधानी काहिरा में एक कॉप्टिक चर्च के बाहर उस वक्त आठ वर्षीय बच्ची समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जब मोटर साइकिल पर आए बंदूकधारियों ने शादी समारोह के दौरान लोगों पर अंधाधुंध गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं.

अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में कम से कम नौ और लोग घायल हो गए हैं.

फिलहाल हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है.

मिस्र में सेना द्वारा जुलाई में राष्ट्रपति मोर्सी के तख्ता पलट के बाद से ही ईसाई समुदाय कुछ इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर रहे हैं.

प्रत्यक्षदर्शी

जब लोग शादी समारोह के दौरान चर्च से बाहर निकल रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं.

एक पुरुष और एक बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला ने अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया.

एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक,'' हमें किसी चीज के गिरने जैसी, बहुत जोर से आवाज़ सुनाई. एक महिला जो कि व्हील चेयर पर थी, उसे बहुत सी गोलियां लगी थीं और उसके चारों ओर एक बच्ची समेत बहुत से लोग गिर पड़े.''

चर्च के पादरी टॉमस दाउद इब्राहिम ने कहा कि जिस वक्त गोलीबारी की घटना हुई वह चर्च के अन्दर थे.

उन्होंने कहा, ''जो कुछ हुआ वह सिर्फ़ कॉप्टिक ईसाइयों का नहीं बल्कि पूरे मिस्र का अपमान है. हम अपने देश को ही बर्बाद कर रहे हैं.''

एक दूसरे पादरी बिशाय लोत्फी ने मिस्र की मीडिया को बताया, ''जून के अंत से ही चर्च को कोई पुलिस सुरक्षा नहीं दी गई है.''

सबसे पुराना चर्च

मिस्र में ईसाई सदियों से सुन्नी बहुल मुस्लिमों के साथ शान्ति से रहते आये हैं.
इमेज कैप्शन, मिस्र में ईसाई सदियों से सुन्नी बहुल मुस्लिमों के साथ शान्ति से रहते आये हैं.

कॉप्टिक ऑर्थोडॉक्स चर्च पचासवीं ईस्वी के आस-पास अलेक्जेंड्रिया में स्थापित ईसाई धर्म के सबसे पुराने चर्चों में से एक है.

मिस्र की कुल जनसंख्या में लगभग दस प्रतिशत ईसाई हैं और सदियों से सुन्नी बहुल मुसलमानों के साथ शान्ति से रहते आए हैं.

सेना के मिस्र पर कब्जा कर लेने के बाद जब जनरल अब्दुल फतेह अल-सीसी ने टीवी पर राष्ट्रपति मोर्सी के अपदस्थ होने की घोषणा की थी, तब पोप टावाड्रोस द्वितीय भी उनके साथ खड़े नजर आए थे.

पोप ने उस वक्त कहा था कि जनरल सीसी ने मिस्र का जो रोडमैप (खाका) दिखाया है, उसे मिस्र के उन सम्मानित लोगों द्वारा तैयार किया गया है जो मिस्र का हित चाहते हैं.

उसके बाद से उन्हें कई दफा मारने की धमकी दी गई, जबकि कई ईसाइयों की हत्या भी कर दी गई थी. ईसाइयों की दुकानें, घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया गया.

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