टाइटैनिक वायलिन साढ़े पाँच करोड़ रुपए में नीलाम

टाइटैनिक जहाज़ के डूबते वक्त यात्रियों को ढाढस बंधाने के लिए जिस वायलिन को बजाया गया था उसकी नीलामी शनिवार को इंग्लैण्ड के विल्टशायर में की गई.

नीलामी शुरू होने के सिर्फ 10 मिनट के भीतर ये नौ लाख डॉलर यानी लगभग साढ़े पाँच करोड़ रुपए में बिका.

बीबीसी संवाददाता डंकन कैनडी का कहना है कि माना जा रहा है कि इसे एक ब्रितानी व्यक्ति ने खरीदा.

टाइटैनिक अपनी पहली यात्रा के दौरान ही अटलांटिक महासगार में एक बर्फीली चट्टान से टकराकर डूब गया था.

इस वायलिन को बैंड लीडर वालेस हार्टले बजा रहे थे. जहाज़ डूबने के कारण हार्टले सहित कुल 1,517 यात्रियों की मौत हो गई थी.

अनुमान जताया जा रहा था कि ये वायलिन को कम से कम तीन लाख पाउंड में बिकेगा.

वायलिन के अलावा वालेस हार्टले की म्यूजिक शीट और उनका एक बैग भी नीलाम होने वाली वस्तुओं में शामिल है.

प्रामाणिकता

नीलामी करने वाले एलन अल्ड्रिज ने बताया कि यह वायलिन <link type="page"><caption> टाइटैनिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/china/2012/08/120826_titanic_palmer_adg.shtml" platform="highweb"/></link> की यादगार वस्तुओं में सबसे महत्वपूर्ण और नायाब है.

नीलामी घर हेनरी अल्ड्रिज एंड सन के पास यह वायलिन सात साल से है और इस दौरान कई विशेषज्ञों ने अपनी जांच में इसे प्रामाणिक पाया है.

इनमें फोरेंसिक साइंस के विशेषज्ञ शामिल हैं, जिनका कहना है कि इस वायलिन की लकड़ी पर समुद्री पानी से तैयार हुआ नमक मौजूद है.

हालांकि कुछ लोगों को अब भी वायलिन के असली होने पर शक है और उनका मानना है कि समुद्र के पानी में लंबे समय तक डूबे रहने के चलते वायलिन सही-सलामत नहीं बच सकता.

दूसरी ओर नीलामी घर का दावा है कि वायलिन इसलिए बच गया क्योंकि यह हार्टले के शरीर से बंधे एक चमड़े के केस में रखा था.

हार्टले <link type="page"><caption> लाइफजैकेट</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2012/04/120412_titanic_survivors_slideshow_sy.shtml" platform="highweb"/></link> पहले हुए थे, लेकिन भीषण ठंड के चलते वो बच नहीं सके.

उनकी मंगेतर मारिया रॉबिंसन की डायरी के मुताबिक यह वायलिन सही-सलामत बच गई थी और उन्हें लौटा दी गई थी.

मारिया की 1939 में मृत्यु होने के बाद स्थानीय मुक्ति सेना के गढ़ में रखी गई थी जहां से यह इसके मौजूदा अज्ञात मालिक की मां को 1940 में मिली.

नीलामी घर का कहना है कि दुनिया भर से लोगों ने इस वायलिन में दिलचस्पी दिखाई है. अमरीका में इस वायलिन की प्रदर्शनी के दौरान इसे 3,15,000 से अधिक लोगों ने देखा.

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