नहीं रहे नाज़ी युद्ध अपराधी एरिक

नाज़ी युद्ध अपराधी एरिक प्रिबक
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नाज़ी युद्ध अपराधी एरिक प्रिबक का सौ वर्ष की आयु में इटली में निधन हो गया. उनके वकील ने इटली के मीडिया को यह जानकारी दी.

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अर्डेटाइन गुफाओं में 335 इटलीवासियों के नरसंहार में उनकी भूमिका की वजह से 1998 में उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी गई थी.

उनकी उम्र और खराब स्वास्थ के मद्देनजर उन्हें रोम स्थित उनके घर पर ही नजरबंद रख सजा काटने की अनुमति दे दी गई थी.

जबकि उनकी इस सजा को अपेक्षाकृत आरामदेह करार देते हुए शहर के कुछ लोगों ने इसका विरोध किया था.

एसएस अधिकारी

एरिक 1944 में गुफाओं में पुरूषों और युवकों की हुई हत्याओं के दौरान मौजूद एसएस अधिकारियों में से एक थे.

यह जवाबी हमला रोम में 33 जर्मन सैनिकों की हत्याओं के विरोध में अडोल्फ हिटलर के आदेश पर किया गया था.

एरिक इटलीवासियों को इकट्ठा कर शहर के बाहरी इलाके में ले जाकर छोड़ कर आने वाले अभियान में शामिल अधिकारियों में भी थे. यहां इन अधिकारियों को गोली मार दी गई थी.

हालांकि एरिक ने इस नरसंहार में अपनी भूमिका की बात स्वीकार की थी, लेकिन इसे लेकर उन्हें कोई पछतावा नहीं था और उनका कहना था कि वह केवल आदेश का पालन कर रहे थे.

जबकि पिछली जुलाई में नरसंहार के दौरान मारे गए पीड़ितों के परिवारों के एक संगठन ने एरिक से साहस कर माफी मांगने को कहा था.

एरिक को 1994 में प्रत्यर्पण कर इटली लाया गया था. इससे पहले उन्हें अर्जेंटीना में एक स्कूल में अध्यापक के तौर पर काम करते हुए पाया गया था.

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