जासूसी के आरोप: ब्राज़ील की राष्ट्रपति नहीं जाएंगी अमरीका

ब्राज़ील राष्ट्रपति डिल्मा रूसेफ़

ब्राज़ील की राष्ट्रपति डिल्मा रूसेफ़ ने अगले महीने होने वाली अमरीका की अपनी आधिकारिक यात्रा रद्द कर दी है. इसकी वजह बताई गई है अमरीका की तरफ़ से उनके ख़िलाफ़ जासूसी.

अमरीकी नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी यानी एनएसए पर आरोप है कि उन्होंने डिल्मा, उनके सहयोगियों और तेल कंपनी पेट्रोब्रास के बीच आदान-प्रदान हुए ईमेल और मैसेज बीच में ही रोककर पढ़े.

ये आरोप उन दस्तावेज़ों पर आधारित थे जिन्हें पूर्व अमरीकी जासूस एडवर्ड स्नोडेन ने जारी किया था. इस मामले में अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने घटना की जांच का वादा किया था.

व्हाइट हाउस ने कहा है कि उसने सोमवार को इस मामले पर चर्चा के लिए डिल्मा को फ़ोन किया था.

पत्रकार के आरोप

ब्राज़ीली नागरिकों के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर जासूसी के आरोप सबसे पहले जुलाई में रियो डे जेनेरो में गार्डियन अख़बार के पत्रकार ग्लेन ग्रीनवाल्ड ने छापे थे.

ग्रीनवाल्ड के मुताबिक़ एनएसए ने इंटरनेट पर डिल्मा रूसेफ़ के देखी गई सभी सामग्री तक अपनी पहुंच बना ली थी. इस रिपोर्ट के मुताबिक़ ये दस्तावेज़ एनएसए की उस केस स्टडी का हिस्सा थे, जिसमें दिखाया गया था कि कैसे डेटा को सफ़ाई के साथ फ़िल्टर किया जा सकता है.

बराक ओबामा, राष्ट्रपति, अमरीका
इमेज कैप्शन, अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वादा किया था कि वह जासूसी के आरोपों की जांच कराएंगे.

इस महीने की शुरुआत में ग्रीनवाल्ड ने ग्लोबो टेलीविज़न पर एक और रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि एनएसए ने अवैध तौर पर तेल कंपनी पेट्रोब्रास के डेटा को हासिल किया था.

इस कंपनी को अगले महीने रियो डे जेनेरो के तटीय इलाकों के तेल खनन के अधिकारों की अहम नीलामी करनी है.

रूसेफ़ ने कहा है कि अगर ये आरोप सही साबित हो जाते हैं तो इसका मतलब होगा कि एनएसए ‘औद्योगिक जासूसी’ में शामिल था.

‘पूरी जांच’

डिल्मा रूसेफ़ की आधिकारिक यात्रा 23 अक्टूबर को शुरू हो रही थी. यह 1995 के बाद किसी ब्राज़ीली राष्ट्रपति की तरफ़ से पहली अमरीका यात्रा है.

मंगलवार को अपने बयान में ब्राज़ील सरकार ने कहा है कि ''वॉशिंगटन की आधिकारिक यात्रा का वक़्त और जासूसी गतिविधियां रोकने की प्रतिबद्धता पूरी न करने और मामले की जांच न करने की वजह से'' यह यात्रा तयशुदा वक़्त पर होना मुमकिन नहीं है.

इस बयान में कहा गया है कि ब्राज़ील को आशा है कि एक बार यह मुद्दा अगर ‘ठीक से हल’ हो जाता तो ये दौरा ‘जल्द से जल्द संभव’ होगा.

व्हाइट हाउस प्रवक्ता जे कार्नी ने कहा है कि यात्रा को टालने का फ़ैसला रूसेफ़ और ओबामा दोनों का साझा निर्णय था जिन्होंने तय किया था कि इस पर ‘’किसी द्विपक्षीय मुद्दे की छाया नहीं पड़नी चाहिए.’’

व्हाइट हाउस ने अपने बयान में कहा है – ''राष्ट्रपति ने कहा है कि वह इस बात को समझते हैं और उन्होंने खेद जताया है कि कथित अमरीकी जासूसी गतिविधियों का खुलासा ब्राज़ील में उठा है. उन्होंने साफ़ किया है कि वह इस मुद्दे से परे राष्ट्रपति रूसेफ़ और उनकी सरकार के साथ कूटनीतिक मामलों में काम करने के इच्छुक हैं जो इस वक़्त दोनों के बीच द्विपक्षीय रिश्तों में तनाव का कारण बन गया है.''

ओबामा का वादा

एनएसए पर आरोप है कि उसने अमरीका में शत्रु मानी जाने वाली लैटिन अमरीकी सरकारों जैसे वेनेज़ुएला और इक्वेडोर के साथ ही पारंपरिक सहयोगियों जैसे मैक्सिको के इलेक्ट्रॉनिक संचार में घुसपैठ करने की कोशिश की है.

रूस में इस महीने की शुरुआत में हुई जी-20 की बैठक में ओबामा ने वादा किया था कि वे रूसेफ़ और मैक्सिको के राष्ट्रपति हैनरीक़ पेना निएतो के आरोपों की जांच कराएंगे.

पेना निएतो ने बीबीसी को बताया, ''राष्ट्रपति ओबामा से मुझे पूरी जांच का आश्वासन मिला था...और कहा गया था कि अगर इनमें सच्चाई मिली तो ज़रूरी पाबंदियां लगाई जाएंगी.''

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