असद ने की रासायनिक हथियार सौंपने की पुष्टि

असद

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने रूसी टीवी पर इसकी पुष्टि की है कि उनके देश के रासायनिक हथियार अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण में दे दिए जाएँगे.

राष्ट्रपति असद ने रोसिया 24 नाम के चैनल को बताया कि ये फ़ैसला रूस की पहल के कारण हुआ है न कि अमरीका की सैनिक कार्रवाई के डर से.

उनका बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस और अमरीका के विदेश मंत्री जिनेवा में अहम बातचीत की तैयारी कर रहे हैं.

अमरीका सीरिया पर आरोप लगाता रहा है कि उसने दमिश्क के बाहरी इलाक़े में नागरिकों पर ज़हरीली गैस से हमला किया, जिनमें सैकड़ों लोगों की मौत हो गई.

सीरिया इन आरोपों से इनकार करता रहा है और इसके लिए विद्रोहियों को ज़िम्मेदार बताता है.

तीन चरणों वाला प्रस्ताव

राष्ट्रपति बशर अल असद ने रूस के सरकारी टीवी चैनल रोसिया 24 को बताया, "सीरिया अपने रासायनिक हथियार अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण में रूस के कारण रख रहा है. अमरीकी धमकी से हमारा फ़ैसला प्रभावित नहीं है."

रूस के विदेश मंत्री सर्जेई लवारोफ़ ने अपने देश के प्रस्ताव को तीन चरणों में रखा था.

  • रूस रासायनिक हथियार कन्वेंशन में शामिल हो, जो हथियारों के उत्पादन और इस्तेमाल को ग़ैर क़ानूनी मानता है
  • सीरिया ये बताए कि उसके रासायनिक हथियार कहाँ रखे हुए हैं और अपने कार्यक्रम की भी जानकारी दे.
  • विशेषज्ञ ये फ़ैसला करेंगे कि क्या विशेष क़दम उठाए जाएँगे.

क़ज़ाख़्तान की यात्रा पूरा कर रहे लवारोफ़ ने कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि सीरिया में शांति स्थापित होने की संभावना है. हम इसे मौक़े को हाथ से निकलने नहीं दे सकते."

उन्होंने रासायनिक हथियारों के ख़ात्मे का ज़िक्र नहीं किया. माना जा रहा है कि रूस और सीरिया के बीच बातचीत में यह ऐसा मुद्दा है, जो रूकावट पैदा कर सकता है.

रूस के विदेश मंत्री लवारोफ़ जिनेवा में अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी से इस योजना पर चर्चा करने वाले हैं.

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