ट्यूनिशिया: सरकार के ख़िलाफ़ सड़कों पर जनता

ट्यूनीशिया की इस्लामी सरकार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने राजधानी ट्यूनिस की सड़कों पर रैली निकाली.
रैली का आयोजन इस साल जुलाई में मारे गए विपक्षी सांसद मोहम्मद ब्राहमी के 40 दिवसीय शोक के रूप में किया गया था.
मोहम्मद ब्राहमी और इसी साल फ़रवरी में एक वामपंथी नेता की हत्या के बाद से <link type="page"><caption> ट्यूनीशिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130605_arab_tunisia_pk.shtml" platform="highweb"/></link> में आंदोलनों का सिलसिला तेज़ हो गया है.
विपक्षी और सत्तारूढ़ एन्नाहदा पार्टी के बीच बातचीत बिना किसी सार्थक नतीजे के ख़त्म हो गई.
कट्टरपंथी ज़िम्मेदार
देश की उदारवादी इस्लामी सरकार ने ब्राहमी और धर्मनिरपेक्ष विपक्षी नेता चोकरी बलदोई की हत्या के लिए सलाफ़ी कट्टरपंथियों को ज़िम्मेदार ठहराया है.
राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चा (एनएसएफ़) के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ने अर्थव्यवस्था में सुधार और कट्टरपंथियों पर नाकाम रहने के लिए एन्नाहदा पार्टी पर आरोप लगाया है.
प्रदर्शनकारी राजधानी ट्यूनिस में एएनसी बिल्डिंग के बाहर जमा हुए, जहाँ पिछले महीने विरोध प्रदर्शन देखते हुए अधिकारियों को नया संविधान बनाने का काम रोकना पड़ा था.

प्रदर्शनकारी अपने हाथों में राष्ट्रीय झंडा और ब्राहमी के चित्र लिए हुए थे. वे एन्नाहदा विरोधी नारे लगा रहे थे.
एक प्रदर्शनकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, ''हम सभी <link type="page"><caption> ट्यूनिशिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/06/120613_tunisia_ben_rn.shtml" platform="highweb"/></link> वासियों के लिए एक सरकार चाहते हैं.''
हाल के दिनों में ट्यूनिस में और भी बड़े विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं.
चुनाव की योजना
शनिवार के विरोध प्रदर्शन की आयोजक एनएसएफ़ के मुताबिक़ आने वाले हफ्तों में और प्रदर्शनों की योजना बनाई गई है. एन्नाहदा ने भी अपने शासन की वैधता को लेकर पूरे अगस्त भर बड़ी रैलियां की थीं.
प्रधानमंत्री अली लारादेह की सरकार ने विपक्ष पर इस साल के अंत तक राष्ट्रपति और विधायिका चुनाव का रोडमैप स्वीकार करने का दबाव बनाया है.
जनवरी 2011 में राष्ट्रपति ज़िने अल आबिदीन के सत्ता से हटने के बाद एन्नाहदा पार्टी की सरकार चुनी गई थी.
वामपंथी रुझान वाले पॉपुलर मूवमेंट पार्टी के नेता ब्राहमी की 25 जुलाई को ट्यूनिस में उनके घर के बाहर हत्या हो गई थी, जिसके बाद से सरकार को प्रदर्शनों का सामना करना पड़ रहा है.
इस साल फ़रवरी में चोकरी बेलाद की हत्या के बाद पहली इस्लामी सरकार हटा दिया गया था. ट्यूनीशिया में अरब क्रांति के बाद यह किसी राजनीतिक व्यक्ति की पहली हत्या थी.
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