अफगानिस्तान में नेटो हमले में 'नागरिकों की मौत'

अफगानिस्तान में अधिकारियों का कहना है कि शनिवार को पूर्वी प्रांत कुनार में नेटो के हवाई हमले में 15 लोग मारे गए जिनमें नौ आम लोग भी शामिल हैं.
लेकिन नेटो की एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि इस हमले में दस चरमपंथी मारे गए और आम लोगों के मारे जाने की उन्हें कोई सूचना नहीं है.
कुनार पाकिस्तान से लगता एक अस्थिर क्षेत्र है, इस प्रांत में तालिबान चरमपंथी अक्सर हमले करते रहते हैं.
नागरिकों की मौत को लेकर अफगानिस्तान और नेटो सेना में तनाव है.
इस साल फ़रवरी में कुनार प्रांत में रात को एक नेटो के कथित हलमे में दस आम लोगों की मौत के बाद राष्ट्रपति करज़ई ने फैसला किया कि अफगान सुरक्षा बल रिहायशी इलाकों में हवाई हमले के लिए नहीं कहेंगे.
इसके अलावा वारदाक प्रांत में हुए आत्मघाती हमले में खुफिया विभाग के चार कर्मचारी और छह आम लोग मार गए.
'नेटो सेनाओं का साथ अहम'
2014 के अंत तक अफगानिस्तान से नेटो सेनाओं की वापसी होनी है. नेटो सेनाएं धीरे-धीरे अफगानिस्तान के सुरक्षा बलों को ज़िम्मेदारी सौंप रही हैं.
अफगानिस्तान में अब 90 प्रतिशत अभियानों का नेतृत्व स्थानीय बल ही कर रहे हैं.
फिलहाल अफगान वायुसेना की क्षमता सीमित ही है, इसलिए नेटो सेनाओं का समर्थन खासा अहम माना जाता है, ख़ासतौर से दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में.

अधिकारियों का कहना है कि ताज़ा हमले में मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शमिल हैं.
कुनार पिछले दस बरसों से तालिबान और अमरीकी और अफगान सुरक्षा बलों के बीच <link type="page"><caption> युद्ध का क्षेत्र</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/08/130803_afghanistan_blast_ia.shtml" platform="highweb"/></link> रहा है.
2012 में अगस्त में हुए एक अमरीकी ड्रोन हमले में कुनार में ही पाकिस्तानी तालिबान के एक बड़े कमांडर मुल्ला ददुल्लाह मारे गए थे.
नेटो के अनुसार पिछले साल मई में इसी क्षेत्र में एक हवाई हमले में अल-क़ायदा के वरिष्ठ नेता सखर अल- तैफी की मौत हुई थी.
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार अफगानिस्तान में चरमपंथी हिंसा में इस साल के शुरुआती छह महीनों में एक हज़ार नागरिक मारे गए और 2000 से ज़्यादा घायल हुए हैं.
पिछले साल की सामान अवधि की तुलना में यह 23 प्रतिशत ज़्यादा है.
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