लादेन के डॉक्टर पर फिर से चलेगा मुक़दमा

शकील आफ़रीदी

पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन की खोज में सीआईए की मदद करने वाले डॉक्टर शकील आफ़रीदी पर फिर से मुक़दमा चलेगा.

<link type="page"><caption> शकील आफ़रीदी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/institutional/2012/11/121129_afridi_hunger_strike_aa.shtml" platform="highweb"/></link> पर देशद्रोह का आरोप लगाया गया था. उन कब़ीलाई न्यायिक व्यवस्था के तहत जानकारी जुटाने के लिए जाली टीकाकरण अभियान चलाने का मुक़दमा चलाया गया था.

<link type="page"><caption> शकील आफ़रीदी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/pakistan/2012/09/120912_afridi_osama_isi_va.shtml" platform="highweb"/></link> को मई 2012 में 33 साल की सज़ा मिली थी तभी से वो पेशावर सेंट्रल जेल में बंद हैं.

<link type="page"><caption> ओसामा बिन लादेन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/05/130502_osama_bin_laden_life_pic_vd2.shtml" platform="highweb"/></link> अमरीका सेना के हाथों पाकिस्तान के एबटाबाद में मई, 2011 में मारे गए थे.

ओसामा की हत्या के बाद अमरीका और पाकिस्तान के रिश्ते तल्ख़ हो गए थे. पाकिस्तान का मानना था कि अमरीका की सैनिक कार्रवाई पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन थी.

न्यायिक प्रक्रिया

पाकिस्तान के फ्रंटियर क्राइम रेगुलेशन के एक न्यायिक अधिकारी ने फ़ैसला दिया कि पुराने जज ने शकील आफ़रीदी के मामले में अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर सज़ा दी थी इसलिए उनकी सज़ा ख़त्म करके फिर से मुक़दमा चलाया जाएगा.

पिछले मुक़दमे की सुनवाई मजिस्ट्रेट स्तर के एक अधिकारी ने की थी. नए आदेश में कहा गया है कि शकील आफ़रीदी के नए मुक़दमे की सुनवाई जज स्तर के अधिकारी करें.

ओसामा बिन लादेन
इमेज कैप्शन, ओसामा बिन लादेन की हत्या के बाद पाकिस्तान और अमरीका के रिश्ते बिगड़ गए थे.

जब तक नया मुक़दमा पूरा नहीं हो जाता तब तक डॉक्टर शकील आफ़रीदी जेल में ही रहेंगे. उन पर दोबारा मुक़दमा चलाए जाने की कोई तारीख़ तय नहीं की गई है.

ओसामा बिन लादेन के घर पर अमरीकी कार्रवाई के कुछ दिन बाद डॉक्टर आफ़रीदी को पाकिस्तान सरकार के ख़िलाफ़ साज़िश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

हालांकि डॉक्टर आफ़रीदी पर सीआईए के साथ काम करने का आरोप लगा था उन्हें जेल एक चरमपंथी संगठन के साथ मिलकर काम करने के लिए भेजा गया.

संवाददाताओं का कहना है कि उन पर जिस संगठन के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगा था वो एक बार उनका अपहरण कर चुका था.

डॉक्टर आफ़रीदी अपने मुक़दमे के दौरान मौजूद नहीं रहे थे. उन्हें मानक न्यायायिक प्रक्रिया की अनदेखी करते हुए कमोबेश कब़ीलाई तरीक़े से बहुत ही कम समय में सज़ा सुना दी गई थी.

डॉक्टर आफ़रीदी का कहना था कि उन्हें नहीं पता था कि सीआईए के निशाने पर ओसामा बिन लादेन थे.

अमरीकी अधिकारियों ने उनकी गिरफ्तारी और सज़ा की आलोचना करते हुए उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग की थी. जिसके जवाब में पाकिस्तान सरकार ने कहा था कि कोई भी सरकार वही करती जो पाकिस्तान ने किया है.

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