दो पति-एक बीवी, किया सुख-शांति का अनुबंध

कीनिया में दो पुरुषों ने एक ही महिला से 'शादी' करने का अनुबंध किया है.
इस महिला के दोनों पुरुषों से चार साल से ज़्यादा समय से संबंध थे और उन्होंने उनमें से किसी एक को चुनने से साफ़ मना कर दिया.
इस अनुबंध में दोनों पुरुषों सिल्वेस्टर वेन्दवा और एलिजाह किमानी के लिए महिला के घर में रहने के दिन तय किए गए हैं और कहा गया है कि दोनों आदमी महिला के सभी बच्चों की परवरिश में मदद करेंगे.
वेन्दवा ने बीबीसी से कहा कि वह उस महिला को प्यार करते हैं और यह अनुबंध 'सीमाएं तय' करेगा और 'शांति बनाए रखेगा'.
वकीलों का कहना है, "शादी" को मान्यता तभी मिलेगी जब यह साबित किया जा सके कि बहुपति प्रथा उनके रिवाजों का हिस्सा थी."
न ईर्ष्या, न धमकी
कीनिया की राजधानी नैरोबी से बीबीसी संवाददाता डेविड ओक्वेम्बाह के मुताबिक़ बहुपति प्रथा कीनिया के किसी भी समुदाय में प्रचलित नहीं है.
वह कहते हैं कि लोग इस <link type="page"><caption> 'शादी'</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130626_us_gaymarriage_pp.shtml" platform="highweb"/></link> से अचंभित हैं. उनका कहना है कि यह उनकी संस्कृति, धर्म और <link type="page"><caption> क़ानून के हिसाब से</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/07/130719_marriage_law_ap.shtml" platform="highweb"/></link> स्वीकार्य नहीं है.
लेकिन इस शादी का बचाव करते हुए वेन्दवा कहते हैं कि भले ही वह क़ानून का उल्लंघन कर रहे हों लेकिन इस अनुबंध के साथ ही किमानी के साथ अपनी होड़ को ख़त्म कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, "यह बहुत ख़तरनाक होता अगर दूसरा आदमी उनके घर आता और मुझे पकड़ लेता....इसलिए हमारा अनुबंध सही है क्योंकि यह <link type="page"><caption> सीमाएं</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/08/130810_britain_forced_marriage_sp.shtml" platform="highweb"/></link> तय करता है और शांति क़ायम करने में मदद करता है."
स्थानीय अख़बार डेली नेशन के अनुसार सामाजिक पुलिस अधिकारी अधालाह अब्दुर्रहमान ने मोम्बारा इलाक़े में दोनों को लड़ते देख उन्हें इस शादी के लिए प्रेरित किया था.
कीनिया के एनटीवी स्टेशन की रिपोर्ट के अनुसार अनुबंध में कहा गया है, "आज से हम इस पर सहमत होते हैं कि हम अपनी बीवी के कारण न तो एक दूसरे के प्रति ईर्ष्या की भावना रखेंगे और न ही धमकाएंगे. हर एक अपने लिए निर्धारित दिन का पालन करेगा. हम एक दूसरे को <link type="page"><caption> प्यार</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130607_divorce_sb.shtml" platform="highweb"/></link> करेंगे और शांतिपूर्वक रहेंगे. इस अनुबंध के लिए किसी ने भी हम पर दबाव नहीं डाला है."
वेन्दवा कहते हैं कि महिला के अभिभावकों ने भी आशीर्वाद दिया है. दो बच्चों की मां और विधवा महिला अपना नाम ज़ाहिर नहीं करना चाहतीं.
वेन्दवा ने बीबीसी से कहा कि वह उस महिला से शादी अपनी यौन इच्छाओं की पूर्ति के लिए नहीं बल्कि इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वह उनसे प्यार करते हैं और सबसे बढ़कर उनके बच्चों से प्यार करते हैं.
वह कहते हैं, "आज तक मुझे किसी ने पिता कहकर नहीं पुकारा और उसके बच्चे मुझे पिता (डैडी) कहते हैं."
वह चाहते हैं कि उस महिला से उनके अपने बच्चे भी हों लेकिन यह वही तय करेंगी. "वह मुख्य रेफ़री की तरह है. वह बताएँगी कि वह मुझे चाहती हैं या मेरे सहयोगी को."
कीनिया में पारिवारिक मामलों की एक वकील जूडी थान्गोरी ने डेली नेशन को बताया कि क़ानून बहुपति प्रथा को साफ़-साफ़ मना नहीं करता.
वह कहती हैं, "हमारे यहां जो क़ानून है वो इस बारे में ज़िक्र नहीं करता लेकिन ऐसे किसी गठबंधन को कीनिया में मान्यता मिलने के लिए या तो वैधानिक नियम या पारंपरिक शादी के तहत आना होगा. अब सवाल यह पूछा जाना चाहिए कि क्या ये लोग ऐसे समाज से हैं जहां बहुपति प्रथा का चलन है."
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