मंदी की चपेट से बाहर आया यूरोज़ोन

कई महीनों का आर्थिक संकट झेलने के बाद यूरोज़ोन मंदी की चपेट से बाहर आ गया है.
2013 की दूसरी तिमाही में इस क्षेत्र में जीडीपी विकास दर 0.3 फ़ीसदी रही है जो अनुमानित दर से ज़्यादा है.
इसकी बढ़त का संकेत तभी हासिल हो गया था जब जर्मनी ने अप्रैल-जून के महीने में 0.7 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हासिल की थी.
हालांकि 17 यूरोपीय देशों वाले इस इलाक़े में बढ़ी हुई विकास दर का मिला-जुला असर ही दिखाई देने की उम्मीद है.
बढ़त
जर्मनी और फ्रांस दोनों देशों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है जबकि यूरोज़ोन के सबसे छोटे और क़मज़ोर अर्थव्यवस्था वाले देश पुर्तगाल ने 1.1 प्रतिशत की दर हासिल करके सबसे तेज़ बढ़त दर्ज की है.
ये उन तीन में से एक देश था जिसे अरबों यूरो का बेलआउट पैकेज दिया गया था. लेकिन बाहर से आर्थिक सहायता लेने वाले स्पेन की विकास दर में 0.1 फ़ीसदी की गिरावट दिखी.
इटली और नीदरलैंड्स की विकास दर भी 0.2 फ़ीसदी नीचे गिर गई है. आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि आर्थिक विकास में ज़रा सा सुधार पूरे यूरोज़ोन की आर्थिक सेहत नहीं सुधार पाएगा.
ख़ासकर गहरे आर्थिक संकट और वित्तीय समस्याओं से जूझ रहे हाशिए पर पड़े देशों को इससे कोई लाभ नहीं होगा.
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