क्या बेज़ोस बचा पाएंगे 'वॉशिंगटन पोस्ट'

एक गोपनीय क़दम उठाते हुए एक नए मीडिया मुगल ने एक पुराने मीडिया संस्थान का मालिकाना हक़ हासिल कर लिया. क्या इसे महज झूठा घमंड माना जाए, या परोपकार या फिर व्यवसाय की अच्छी समझ.
अमेज़न के संस्थापक जेफ़री बेज़ोस चीजों को गोपनीय बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं. वॉशिंगटन पोस्ट अख़बार की <link type="page"><caption> ख़रीद की सोमवार को हुई घोषणा</caption><url href="http://www.washingtonpost.com/www.washingtonpost.com/national/washington-post-to-be-sold-to-jeff-bezos/2013/08/05/ca537c9e-fe0c-11e2-9711-3708310f6f4d_story.html" platform="highweb"/></link> ठीक उसी तरह गोपनीय रखी गई, जैसे 2011 में पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन पर हुई कार्रवाई को गोपनीय रखा गया था.
बेज़ोस के इस क़दम से वॉशिंगटन पोस्ट अख़बार पर ग्राहम परिवार के 80 साल पुराने स्वामित्व का अंत हो गया.
<itemMeta>hindi/international/2013/08/130806_amazon_washingtonpost_ra</itemMeta> से एक दिन पहले <link type="page"><caption> वॉशिंगटन पोस्ट </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/09/120905_pm_washingtonpost_aa.shtml" platform="highweb"/></link>की प्रकाशक कैथरीन वेमाउथ के तड़क-भड़क वाली प्रोफ़ाइल के बारे में न्यूयॉर्क टाइम्स में एक लेख प्रकाशित हुआ था. इसमें भी किसी बड़ी खब़र के संकेत नहीं मिले थे.
गोपनीय सौदा
लेखिका शेरिल गे स्टोलबर्ग ने वॉशिंगटन पोस्ट की आर्थिक कठिनाइयों का वर्णन किया था. उन्होंने वॉशिंगटन पोस्ट के चेयरमैन डोनाल्ड ग्राहम की भतीजी वेमाउथ को एक मज़बूत और आकर्षक कार्यकारी बताया था.
हालांकि वॉशिंगटन पोस्ट अब इस परिवार की संपत्ति नहीं रही. लेकिन वेमाउथ प्रकाशक के रूप में काम करती रहेंगी. बेज़ोस न केवल अख़बार ख़रीदने में सफल रहे बल्कि उन्होंने इसके बारे में कोई भी जानकारी किसी बाहरी आदमी को नहीं लगने दी.
वॉशिगटन पोस्ट में काम करने वालों का कहना है कि इस सौदे से उन्हें भी बाहरवालों की ही तरह आश्चर्य हुआ.
वॉशिंगटपोस्ट डॉट कॉम के पूर्व कार्यकारी संपादक जिम ब्रैडी ने कहा कि वे कुछ साल पहले बेज़ोस से एक शराब पार्टी में मिले थे. लेकिन उन्होंने कभी इस बात की कल्पना नहीं की थी कि वे अख़बार ख़रीद लेंगे.
ग्राहम परिवार की निगरानी में वॉशिंगटन पोस्ट के डिजिटलीकरण के अपने अनुभव को बताते हुए ब्रैडी कहते हैं, ''मैं नहीं मानता कि जो हम कर रहे थे, उसमें असफल हो गए हैं.'' लेकिन ग्राहम परिवार के प्रयासों के बाद भी अख़बार नीचे गिरता गया.
उम्मीद की जा रही है कि बेज़ोस सभी तरह के डिजिटल फॉर्मेट में इसका तेज़ी से विस्तार करेंगे.
'ह्वाट वुड गूगल डू' के लेखक जेफ़ जारविस कहते हैं कि उन्हें उम्मीद है कि बेज़ोस अख़बार में बदलाव कर उसे प्रिंट के बाद की दुनिया के लिए तैयार करेंगे.
निजी संपत्ति
जारविस कहते हैं, ''मेरी एकमात्र चिंता यह है कि वे चीजों को गुप्त रखने के लिए मशहूर हैं. यह उनके व्यवसाय का एक हिस्सा है. वो वॉशिंगटन पोस्ट में क्या नया करने जा रहे हैं, अगर इस पर खुलेआम चर्चा करें तो इससे हमें मदद मिलेगी''.

बेज़ोस ने अख़बार को अपनी निजी संपत्ति के रूप में ख़रीदा है. अख़बार के व्यवसाय में अमेज़न का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा.
बेज़ोस अख़बारी दिग्गजों की नई नस्ल में शामिल हो गए हैं. ऑडियो उपकरणों के व्यवसायी सिडनी हरमैन ने 2010 में वॉशिंगटन पोस्ट से 'न्यूजवीक' ख़रीदा था. <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/07/120718_facebook_voting_rn.shtml" platform="highweb"/></link> के संस्थापकों में से एक क्रिस ह्यूगस पिछले साल 'न्यू रिपब्लिक' के प्रकाशक बन गए थे. वहीं अभी पिछले हफ़्ते बेसबाल टीम बॉस्टन रेड सॉक्स के मालिक जॉन हेनरी ने 'बॉस्टन ग्लोब' ख़रीदा था.
1974 में वॉशिंगटन पोस्ट ने वाटरगेट कांड की ख़बर ब्रेक की थी जिसकी वजह से राष्ट्रपति निक्सन को इस्तीफ़ा देना पड़ा था. वॉशिंगटन पोस्ट अभी भी संघर्ष कर रहा है. पिछले छह सालों में उसे 44 फ़ीसदी का घाटा उठाना पड़ा है.
<italic><bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml " platform="highweb"/></link>क्लिक करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi " platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi " platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold></italic>












