व्लादिमीर पुतिन का पहनावा: फैशन या प्रपंच?

russian president vladimir putin, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन

चुनाव के मैदान में उतर रहा कोई नेता क्या अपनी आधिकारिक तस्वरीर में बिना कमीज़ के नज़र आने का जोखिम उठाएगा?शायद नहीं. लेकिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ऐसे नेताओं की जमात में शामिल नहीं हैं.

पुतिन की ऐसी तस्वीर अगस्त 2007 में नज़र आई. उस वक्त बतौर राष्ट्रपति उनका दूसरा कार्यकाल ख़त्म होने वाला था और ये तस्वीर साइबेरिया में खींची गई थी जहां पुतिन कुछ अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के साथ मछली पकड़ने के लिए गए थे.

व्लादिमीर पुतिन की ये तस्वीर क्रेमलिन की आधिकारिक वेबसाइट पर डाली गई.

'दंबग' छवि

रूसी राष्ट्रपति की इस तरह की ये अकेली तस्वीर नहीं थी. तीन साल बाद, एक बार फिर चुनाव से पहले, पुतिन हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिल पर नज़र आए जिसमें वो मोटरसाइकिल सवारों के एक समूह का नेतृत्व करते दिखे. इस तस्वीर से ये जताने की कोशिश की गई कि बाकी लोगों की ही तरह होते हुए भी पुतिन समूह के नेता थे.

इसके अलावा भी पुतिन की बैकाल झील में गोता लगाते, समुद्र के भीतर बेलुगा व्हेल पर रेडियो ट्रांसमीटर लगाते और हेलमेट और काला चश्मा पहने सारसों के साथ मोटरयुक्त <link type="page"><caption> हैंग ग्लाइडर उड़ाते</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2012/09/120906_putin_flies_gallery_psa.shtml" platform="highweb"/></link> तस्वीरें देखी जा सकती है.

तो आखिर पुतिन का इस तरह के स्टंट करना क्या दर्शाता है?

कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह के दुस्साहसी कामों में राजनीति के प्रति पुतिन के दबंग दृष्टिकोण का पता चलता है और ये भी कि साठ साल के छोटे कद के पुतिन खु़द को फिट रखने में यक़ीन करते हैं.

इन कारनामों को जेम्स बॉन्ड की फ़िल्म के खलनायक के साथ भी जोड़ा जा सकता है लेकिन ऐसा लगता है कि पुतिन ख़ुद को जेम्स बॉन्ड की फ़िल्म के खलनायक नहीं बल्कि <link type="page"><caption> हीरो</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/07/110723_putin_army_adg.shtml" platform="highweb"/></link> के तौर पर देखते हैं.

यहां तक कि पुतिन की पसंदीदा गाड़ी काली आउडी है जिसकी लाइसेंस प्लेट का नंबर 007 है. जब जेम्स बॉन्ड सिरीज़ की फ़िल्म 'कैसीनो रोयाल' रिलीज़ हुई थी, उस वक्त मॉस्को में फ़िल्म के पोस्टरों की तर्ज़ पर पोस्टर पटे पड़े थे जिनमें हाथ में पिस्तौल लिए व्लादिमीर पुतिन को बॉन्ड की जगह दिखाया गया था.

घड़ियों के शौकीन

रूसी राजनेताओं की पसंदीदा पारंपरिक भड़कीली पोशाकों की जगह नौकरी पेशा परिवेश से शुरुआत कर पहले केजीबी एजेंट और वहां से रूस के राष्ट्रपति पद तक पहुंचने वाले पुतिन क्लासिक स्टाइल में हाथ से सिले सूट, गहरे रंग और बढ़िया कपड़े पसंद करते हैं.

जिस तरह पुतिन <link type="page"><caption> सूट-बूट</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/05/120505_putin_palace_ar.shtml" platform="highweb"/></link> पहनते हैं, उनकी छवि साफ़ तौर पर ऐसे व्यक्ति की है जो नियंत्रण में है.

साल 2012 में 'मॉस्को टाइम्स' में छपी एक ख़बर के मुताबिक रूसी राष्ट्रपति के पास लगभग सात लाख डॉलर मूल्य की घड़ियां हैं जो उनके सालाना वेतन का छह गुना ज़्यादा है. इस ख़बर का स्रोत विपक्षी गुट सॉलिडेरिटी द्वारा इंटरनेट पर डाला गया एक विडियो था.

पहनावा या हथियार?

व्लादिमीर पुतिन पर फैशन पत्रिका 'वैनिटी फेयर' के 2008 में लिखे एक लेख में दावा किया गया है कि ''रूसी ख़ुफ़िया एजेंसी केजीबी में उनका करियर कुछ ख़ास नहीं था. लेनिनग्राद पोस्टिंग होने से पहले उनका ज़्यादातर समय जर्मनी के ड्रेसडन शहर में बीता जहां बहुत काम नहीं था यानी पुतिन के वरिष्ठ अधिकारियों की नज़र में उनकी कोई ख़ास छवि नहीं थी.''

इस लेख में माशा गेसन ने आगे लिखा है, ''पुतिन के व्यक्तित्व निर्माण में केजीबी की अहम भूमिका थी. इसलिए कोई ताज्जुब की बात नहीं है कि दस साल बाद जब उन्हें अपने देश के पुनर्निमाण का मौका मिला तो उन्होंने एक वर्गीकृत और नियंत्रित व्यवस्था बनाई जिसके दरवाज़े बाहरी लोगों के लिए बंद थे."

व्लादिमीर पुतिन के कपड़ों और पोशाकों में भी ये बात झलकती है. चाहे वो सैन्य वर्दी हो या फिर हाथ से सिले, बढ़िया कपड़े के सूट या फिर कड़क सफ़ेद कमीज़े और सलीकेदार तरीके से बाँधी गई टाई- रूसी राष्ट्रपति कभी भी कमज़ोर नहीं दिखना चाहते.

मशहूर अमरीकी लेखक मार्क ट्वेन ने कहा था कि ''आदमी की पहचान उसके कपड़ों से होती है''. उस पैमाने पर अगर व्लादिमीर पुतिन को तौलें तो वो एक ऐसे इंसान हैं जो अपने कपड़ों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते हैं.

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