केविन रड फिर बने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री

जूलिया <link type="page"><caption> गेलार्ड</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/02/120227_aus_gillard_vd_rn.shtml" platform="highweb"/></link> के लेबर पार्टी के नेता पद से <link type="page"><caption> अपदस्थ</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/02/120227_gillard_rudd_rn.shtml" platform="highweb"/></link> होने के एक दिन बाद केविन रड को ऑस्ट्रलिया के प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई है.
पार्टी के नेता पद से हटाए जाने के बाद गेलार्ड ने कहा है कि वे राजनीति छोड़ देंगी.
ये बदलाव चुनाव से ठीक पहले हुए हैं. ऐसा माना जा रहा है कि इन चुनाव में लेबर पार्टी को हार का सामना करना पड़ेगा.
विपक्ष के नेता टोनी एबट ने केविन रड से जूलिया गेलार्ड की ओर से तय की गई चुनाव की तारीख 14 सितंबर से पहले चुनाव कराने की मांग की है.
एबट ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा,''आस्ट्रेलिया के लोग अपनी पसंद व्यक्त करना चाहते हैं. ऑस्ट्रेलिया के लोग वास्तव में इस कमतर और अनैतिक संसद से ऊपर हैं.''
राजनीतिक प्रतिद्वंदिता
ऑस्ट्रेलिया के इन दो पुराने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों की तगड़ी प्रतिद्वंदिता में यह नया मोड़ है लेकिन यह अंतिम भी हो सकता है क्योंकि गेलार्ड ने अब राजनीति छोड़ने की बात कही है.
गेलार्ड 2010 में <link type="page"><caption> केविन रड</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/02/120222_rudd_resigned_rn.shtml" platform="highweb"/></link> को हटाकर प्रधानमंत्री बनी थीं. उसके बाद से बुधवार को उन्हें तीसरी बार पार्टी नेता पद के चुनाव का सामना करना पड़ा.
राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के बाद भी रड ने अपने पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री की तारीफ की. उन्होंने गेलार्ड को ऊर्जावान, असाधारण प्रतिभा और मजबूत इच्छाशक्ति वाली महिला बताया.
अपनी जीत के बाद आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा,''जूलिया ने एक अल्पमत सरकार की प्रधानमंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में काम करते हुए मुश्किल परिस्थितियों में भी बहुत कुछ हासिल किया.''
मतदाताओं में गेलार्ड की तुलना में रड ज्यादा लोकप्रिय हैं. बहुत से लोगों को मानना है कि चुनाव में लेबर पार्टी रड के नेतृत्व में अच्छा प्रदर्शन करेगी.
सिडनी में मौजूद बीबीसी संवाददाता निक ब्रायंट का कहना है कि रड और उनके समर्थकों ने तीन साल तक गेलार्ड पर निशाना साधते हुए आख़िरकार बदला ले लिया है.
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