क़ायदेआज़म जिन्ना का घर बम धमाके में तबाह

ज़्यारत रेसीडेसी,पाक
इमेज कैप्शन, जिन्ना दो महीने तक इस मकान में रहे थे.

पाकिस्तान में अधिकारियों का कहना है कि बलूचिस्तान प्रांत में स्थित देश के संस्थापक <link type="page"><caption> मोहम्मद अली जिन्ना</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/06/120609_jinnah_speech_da.shtml" platform="highweb"/></link> का घर बम धमाके में जलकर तबाह हो गया है.

प्रांत के अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर नसीब काकड़ ने<bold> बीबीसी</bold> को बताया कि पिछली रात ज़्यारत टाउन में क़रीब के पहाड़ियों से कुछ हथियारबंद हमलावर <link type="page"><caption> मोहम्मद अली जिन्ना</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2009/08/090816_jinnah_jaswant_pa.shtml" platform="highweb"/></link> के घर 'ज़्यारत रेसिडेंसी' में दाख़िल हो गए और बम फ़ेकने के अलावा फ़ायरिंग भी करने लगे.

इस हमले में वहां मौजूद एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई.

अधिकारी के अनुसार बम फटने से आग लग गई जिसके कारण इमारत पूरी तरह तबाह हो गई.

धरोहर जलकर ख़ाक

यहां तक की मोहम्मद अली जिन्ना द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली चीज़ें जिन्हें राष्ट्रीय धरोहर का सम्मान हासिल था वे भी पूरी तरह जलकर ख़ाक हो गईं.

ज़्यारत रेसीडेसी,पाक
इमेज कैप्शन, चरमपंथियों के बम हमले में ये जलकर ख़ाक हो गया.

अधिकारी के अनुसार घर के क़रीब एक लाइब्रेरी भी मौजूद थी हालांकि उसे आग से किसी तरह का नुक़सान नहीं हुआ.

पुलिस के अनुसार हमलावर भागने में कामयाब हो गए और बम निरोधक दस्ते ने चार बमों को निष्क्रिय कर दिया.

बलूचिस्तान की ज़्यारत रेसिडेंसी एक ख़ूबसूरत इलाक़े में बना हुआ पर्यटक स्थल है. मोहम्मद अली जिन्ना अपनी मौत से पहले यहां रहा करते थे.

इस इमारत की तामीर 1892 में की गई थी. तब ब्रितानी अफ़सर छुट्टियों के दौरान यहां रहा करते थे.

1947 में पाकिस्तान बनने के बाद मोहम्मद अली जिन्ना उसके पहले गवर्नर जनरल बने.

1948 में ख़राब स्वास्थ्य के कारण जिन्ना बलूचिस्तान के इसी घर में रहने लगे थे और अपनी ज़िंदगी के आख़िरी दो महीने उन्होंने इसी घर में गुज़ारे थे.

उनकी मौत के बाद पाकिस्तान सरकार ने इस घर को 'क़ायद-ए-आज़म रेसिडेंसी' के नाम से राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर दिया गया था. हर साल गर्मियों के मौसम में देश भर से कई पर्यटक इसके दर्शन करने आते हैं.

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