सीमा विवाद ख़त्म करने पर सहमत भारत और चीन

भारत की यात्रा पर आए चीन के प्रधानमंत्री ली <link type="page"><caption> कचियांग</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/05/130519_china_li_keqiang_profile_sp.shtml" platform="highweb"/></link> ने ये स्वीकार किया है कि हाल ही में दोनों देशों के बीच <link type="page"><caption> तनाव</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130520_manmohan_li_ml.shtml" platform="highweb"/></link> ज़रूर बढ़ गया था, बावजूद इसके उन्होंने विवादों को बातचीत के ज़रिए हल करने पर ज़ोर दिया.
सोमवार को नई दिल्ली में ली कचियांग और भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया.
दोनों देशों ने सीमा पर यथास्थिति बनाए रखने समेत कई मुद्दों पर <link type="page"><caption> बातचीत</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130520_china_cremier_keqiang_ra.shtml" platform="highweb"/></link> की. दोनों देशों ने आठ प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए.
<link type="page"><caption> (भारत-चीन संबंधों का विश्लेषण)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130519_indiachina_relations_analysis_akd.shtml" platform="highweb"/></link>
संवाददाता सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि चीन के प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान ब्रह्मपुत्र नदी का मामला भी उठा और दोनों देशों ने ब्रह्मपुत्र नदी के बहाव की जानकारी साझा करने पर सहमति जताई.
ली कचियांग ने ये स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच पिछले दिनों बढ़े तनाव से इनकार नहीं किया जा सकता. हालांकि दोनों ही देशों ने ये स्वीकार किया कि सीमा विवाद पर काफ़ी सकारात्मक बातचीत हुई है.
नया अध्याय
चीन के प्रधानमंत्री ने कहा कि सीमा विवाद को आपसी बातचीत के ज़रिए हल करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने विश्वास दिलाया कि चीन ऐसा कुछ भी नहीं करेगा जिससे दोनों देशों के बीच दरार पैदा हो.

ली कचियांग ने कहा कि इस बातचीत से दोनों ही देशों के संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है. ली कचियांग ने कहा कि भारत और चीन के संबंध ढाई हज़ार साल पुराने हैं और ज़रूरत है कि इसे नए सिरे से परिभाषित किया जाए.
दोनों देशों ने आपसी व्यापार और बढ़ाने की दिशा में क़दम उठाए जाने को लेकर भी सहमति जताई. ली कचियांग ने भरोसा दिलाया कि चीन में भारत का व्यापार बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे.
इससे पहले रविवार को तीन दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचने के बाद चीनी प्रधानमंत्री ली कचियांग ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ रात्रिभोज पर बातचीत की. इस बातचीत को कचियांग ने सार्थक बताया.
ली कचियांग के साथ 80 सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल भी आया है. इसमें विदेश मंत्री वांग यी भी शामिल हैं. चीनी प्रधानमंत्री मंगलवार को मुंबई जाएंगे. वहाँ से उनका पाकिस्तान, स्विट्ज़रलैंड और जर्मनी जाने का कार्यक्रम है.
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