विवाद के साए में भारत पहुंचे चीनी प्रधानमंत्री

भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर के लद्दाख में <link type="page"><caption> भारत-चीन सीमा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130509_salman_china_pp.shtml" platform="highweb"/></link> पर पिछले दिनों हुए विवाद के ख़त्म होने के बाद <link type="page"><caption> चीन के प्रधानमंत्री ली कचीयांग</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/05/130519_china_li_keqiang_profile_sp.shtml" platform="highweb"/></link> तीन दिन की यात्रा पर रविवार दोपहर बाद नई दिल्ली पहुंचे.
कचीयांग के साथ अधिकारियों के साथ-साथ व्यापारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी आया है.
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अतंरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी विदेश राज्यमंत्री ई अहमद ने किया. इस अवसर पर अन्य अधिकारियों के साथ-साथ विदेश सचिव रंजन मथाई भी मौजूद थे.
पुरानी यादें
इस साल मार्च में चीन में हुए नेतृत्व परिवर्तन के बाद ली कचीयांग की यह पहली विदेश यात्रा है. कचीयांग क़रीब 27 साल पहले भी एक बार भारत की यात्रा पर आए थे. उस दौरान उन्होंने ताजमहल के साथ-साथ कुछ भारतीय विश्वविद्यालयों और संस्थानों का दौरा किया था.

भारतीय प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के साथ होने वाली बैठक में चीनी प्रधानमंत्री दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी <link type="page"><caption> सीमा विवाद पर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130418_china_india_analysis_rj.shtml" platform="highweb"/></link> बातचीत करेंगे. इसके अलावा बैठक में कुछ अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय और <link type="page"><caption> द्विपक्षीय मुद्दों </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130505_china_india_laddakh_psa.shtml" platform="highweb"/></link>पर भी चर्चा हो सकती है.
चीनी प्रधानमंत्री के सम्मान में भारतीय प्रधानमंत्री एक भोज का भी आयोजन करेंगे. ली कचीयांग के एजेंडे में दोनों देशों के बीच में आपसी व्यापार को बढ़ाने का भी मुद्दा प्रमुख है.
चीनी प्रधानमंत्री नई दिल्ली के अलावा भारत की आर्थिक राजधानी माने जाने वाले शहर मुंबई भी जाएंगे. वहाँ उनका देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी, टाटा कंसंल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के मुख्यालय जाने का कार्यक्रम है.
टीसीएस के मुख्यालय के अलावा चीन के प्रधानमंत्री एक भारतीय डॉक्टर द्वारकानाथ कोटनिस के रिश्तेदारों से भी मुलाकात करेंगे. डॉक्टर कोटनिस ने 1938 के चीन-जापान युद्ध में चीन की सेना का इलाज किया था.
भारत के बाद चीनी प्रधानमंत्री पाकिस्तान, जर्मनी और स्विट्जरलैंड जाएंगे.
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