नाज़ी डेथ कैंप के 'पूर्व गार्ड' की गिरफ़्तारी

जर्मनी में अधिकारियों ने ऑशवित्स स्थित <link type="page"><caption> नाज़ी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/02/130215_nazi_destroyed_village_gallery_akd.shtml" platform="highweb"/></link> डेथ कैंप में कथित तौर पर गार्ड रहे 93 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है.
हांस लिप्सचिस को एलेन शहर में हिरासत में लिया गया है.
सरकारी वकीलों का कहना है कि उनके ख़िलाफ़ इस बात के 'दमदार सबूत' हैं कि वे हत्याओं में साझीदार थे.
लिप्सचिस ने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने नाज़ियों के हथियारबंद दस्ते वफ़ेन एसएस के साथ कैंप में काम किया था, लेकिन उनका दावा है कि वे सिर्फ़ रसोइए थे.
सरकारी वकीलों का दावा है कि लिप्सचिस ने 1941 और 1945 के बीच इस कैंप में काम किया.
मोस्ट वांटेड
लिप्सचिस साइमन विसेन्थल सेंटर के मोस्ट वांटेड लिस्ट में चौथे नंबर पर थे.
ये सेंटर नाज़ी युद्ध अपराधियों पर क़ानूनी कार्रवाई की वकालत करता है.
सेंटर का आरोप है कि लिप्सचिस ने अक्तूबर 1941 से 1945 के बीच सामूहिक संहार में हिस्सा लिया था. इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में निर्दोष मारे गए थे, जिनमें कई यहूदी थे.
जर्मनी के अधिकारियों ने ज़िंदा बचे ऑशवित्स के 50 पूर्व गार्ड्स के ख़िलाफ़ नई जाँच शुरू की है और इस कड़ी में लिप्सचिस की पहली गिरफ़्तारी है.












