पाकिस्तान में भूकंप से 30 से ज़्यादा मौतें

ईरान में आए ज़बर्दस्त भूकंप से उसके पड़ोसी पाकिस्तान में 30 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.
मंगलवार को आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.8 आंकी गई. भूकंप के झटके ईरान और पाकिस्तान के अलावा भारत और मध्य पूर्व के कई शहरों में भी महसूस किए गए.
इस भूकंप का मुख्य केंद्र ईरान के खाश शहर के पास रहा जो पाकिस्तानी सीमा से ज़्यादा दूर नहीं है.
भूकंप का केंद्र ज़मीन के बेहद नीचे और दूरदराज़ के इलाक़े में था इसलिए ईरान में इससे जानमाल का नुक़सान सीमित ही बताया जाता है.
'ईरान में कम तबाही'
पहले 40 लोगों के मारे जाने की बात कहने वाले ईरानी सरकारी टीवी ने अब इससे सिर्फ़ 27 लोगों के घायल होने की ख़बर दी है.
लेकिन <link type="page"><caption> पाकिस्तान</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/04/130415_pak_falcon_antenna_ia.shtml" platform="highweb"/></link> में इससे कहीं ज़्यादा नुक़सान हुआ है. वहां इससे 30 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं. भूकंप के बाद भी वहां कई झटके महसूस किए गए.
भूकंप के कारण पाकिस्तान के शहर कराची, भारत की राजधानी दिल्ली और मध्य पूर्व के देशों में दुबई जैसे कई शहरों में गगनचुंबी इमारतों को ख़ाली करा लिया गया.
एक ईरानी अधिकारी मुरतज़ा अकबरपुर के अनुसार भूंकप का मुख्य केंद्र रेगिस्तान में था जहां कोई नहीं रहता है. उन्होंने आसपास के शहरों में किसी के मरने की बात नहीं कही है.
ये भूकंप ईरान के सबसे बड़े प्रांत सिस्तान बलूचिस्तान में स्थानीय समय के अनुसार दोपहर बाद तीन बजकर 14 मिनट पर आया.
जोरदार भूकंप

भूकंप के मूल केंद्र के नज़दीक शहर सारावन में रहने वाले व्यक्ति देहावरी ने ईरानी के प्रेस टीवी को बताया, “मैंने शहर का चक्कर लगाया. ईश्वर का शुक्र है, लोग शांत है. राहत और बचाव टीमें पहुंच गई हैं. ज़्यादा नुक़सान नहीं हुआ है. सिर्फ़ शहर के पुराने हिस्से में घरों में दरारें आ गई हैं.”
कुछ लोगों राहत और बचाव के काम में ढिलाई बरते जाने की शिकायत भी दर्ज कराई है.
इस बीच तेहरान में मौजूद संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता समन्वय एजेंसी का कहना है कि वो भी स्थिति पर नज़र रखे हुए है.
ईरान के वैज्ञानिकों के अनुसार ये देश में पिछले 50 साल में आया सबसे बड़ा भूकंप है.
2003 ईरान में आए 6.6 तीव्रता के भूकंप से 26 हज़ार लोग मारे गए थे.












