हिलती धरती के पीछे की वजह क्या है?

स्पेन में भूकंप
इमेज कैप्शन, स्पेन में आए भूकंप के अध्ययन ने एक नई बहस छेड़ दी है.

स्पने के शहर लॉर्का में 2011 में आए भूकंप का अध्ययन कर रहे वैज्ञानिकों का कहना है कि वहां भू-जल के अत्यधिक दोहन को भूकंप के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जा सकता है.

सैटेलाइट के ज़रिए भूकंप प्रभावित इलाक़े की ली गई तस्वीरें से वो ये जानने में सफल हुए कि ज़मीन के किस हिस्से में हलचल हुई थी और कौन सा हिस्सा अपनी जगह से हट गया था.

वैज्ञानिकों के अध्ययन से पता चला है कि किस तरह बोरिंग के ज़रिए वर्षों तक ज़मीन से पानी निकालने से भूकंप आने का ख़तरा बढ़ सकता है.

यूनिवर्सिटि ऑफ़ वेस्टर्न ऑनटेरियो के प्रोफ़ेसर पैब्लो गॉनज़ालेज़ और उनके सहयोगियों ने सैटेलाइट रेडार के ज़रिए भेजे गए आंकड़ों के अध्ययन के बाद पाया कि स्पेन के शहर लॉर्का में आए भूकंप में ज़मीन के केवल तीन किलोमीटर नीचे ज़मीन का एक हिस्सा अपनी जगह से फिसला था .

वैज्ञानिकों के अनुसार इसी कारण भूकंप की तीव्रता केवल 5.1 होने के बावजूद बहुत ज़्यादा नुक़सान हुआ था.

जलस्तर में कमी

वैज्ञानिकों ने जब और गहराई से इसका कारण पता लगाने की कोशिश की तो पाया कि भूकंप प्रभावित इलाक़े के निकट ऑल्टो ग्वाडेलेन्टिन बेसिन के भूमि-जल स्तर में पिछले 50 सालों में 250 मिटर की कमी आई है क्योंकि इलाक़े में सिंचाई के लिए वर्षों से पानी निकाला जा रहा था.

डॉक्टर गॉनज़ालेज़ ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत के दौरान इस बात पर ज़ोर दिया कि उनका अध्ययन केवल स्पेन के भूकंप पर केंद्रित था और केवल एक जगह आए भूकंप से कोई आमधारण नहीं क़ायम की जा सकती है.

लेकिन उन्होंने अपने अध्ययन के महत्व को बताते हुए कहा, ''हमने जो सबूत जमा किए हैं उनका इस्तेमाल भविष्य में बांध, जलीय चट्टान और ग्लेशियर के क़रीब होने वाली घटनाओं के अध्ययन में किया जा सकता है.''

कैलिफ़ॉर्निया इंस्टीच्यूट आफ़ टेक्नॉलोजी के प्रोफ़ेसर जीन फिलिप का कहना है कि मूसलाधार बारिश से भी भूकंप आ सकता है.

पहले किए गए कोई शोध से पता चलता है कि हाइड्रॉलिक तरीक़े से गैस निकालने के कारण भी भूकंप आने की संभावना बनी रहती है.

प्रोफ़ेसर जीन फिलिप के अनुसार अगर विज्ञान भूकंप के सटीक कारणों को पता लगाने मे सफल हो जाता है तो फिर इस तरह की प्राकृतिक विपदाओं पर क़ाबू पाने में भी सफलता पाई जा सकती है.