बॉस्टन धमाकों की जांच एफबीआई के हवाले

बॉस्टन मैराथन में हुए धमाकों को 'संभावित चरमपंथी हमला' बताया जा रहा है. इस हमले की जाँच का काम एफ़बीआई ने शुरु कर दिया है.
सोमवार को हुए इन धमाकों में तीन लोगों की मौत हो गई थी जबकि 140 घायल हैं.
<link type="page"><caption> बॉस्टन पुलिस </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/04/130416_boston_picture_gallery_vy.shtml" platform="highweb"/></link>का कहना है कि उसके लोग दिन रात काम में लगे हैं और उनकी सभी छुट्टियों को रद्द कर दिया गया है.
अधिकारियों का कहना है कि कई लोग की चोटें गंभीर हैं और कुछ लोगों के शरीर को हिस्सों को आपरेशन के ज़रिए काटना पड़ सकता है.
अमरीकी मीडिया में ख़बरे हैं कि मारे जाने जाने वालों में एक आठ साल का बच्चा भी शामिल था.
कड़ी कार्रवाई
टेलीविजन पर दिए गए एक बयान में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होगी.
उन्होंने कहा, "हम ये पता लगा लेंगे कि ये किसने किया, और क्यो किया."

उन्होंने कहा, "इस घटना के लिए जो भी व्यक्ति ज़िम्मेदार होगा, जो भी संगठन ज़िम्मेदार होगा, उन्हें क़ानून के सामने पेश किया जाएगा."
हालांकि राष्ट्रपति ने अपने बयान में 'आतंकवाद' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, बाद में व्हाईट हाउस के एक अधिकारी ने कहा, "ये घटना - जहां एक के बाद एक धमाका हुआ, बिल्कुल आतंकवादी गतिविधि है, और हम इसे आतंकवादी घटना की श्रेणी में ही रखेंगे."
पहला धमाका
पहला धमाका स्थानीय समय के मुताबिक़ 14.50 मिनट पर हुआ.
धमाके के बाद कुछ देर तक <link type="page"><caption> अफ़रा तफ़री का</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/04/130416_us_boston_eyewitness_fma.shtml" platform="highweb"/></link> माहौल रहा लेकिन बाद में पुलिस और वहां मौजूद लोग घायलों और दूसरों की मदद के लिए आगे आए.
कुछ ही देर बाद दूसरा धमाका हो गया.
टीवी में दिखाए जा रही तस्वीरों में खून से लथपथ घायल लोगों को इलाज के लिए ले जाया जा रहा था और रास्ते में जगह जगह मलबे थे.
बचाव कार्यकर्ताओं ने रास्ते में लगी रूकावटों को तोड़ डाला और लोगों की मदद के लिए वहां पहुंचे.
घटना के फौरन बाद हुए एक प्रेस कांफ्रेस में बॉस्टन पुलिस कमिश्नर ने कहा कि उन्हें इस तरह की किसी घटना की ख़बर नहीं थी.












