सोमालिया में कोर्ट पर चरमपंथी हमला, 20 मरे

अफ़्रीक़ी देश सोमालिया की राजधानी मोगादिशु की एक अदालत में हुए सिलसिलेवार बम हमले में कम से कम 20 लोगों के मारे जाने की ख़बर है. हमलावरों ने कोर्ट में बम के अलावा बंदूकों से भी हमला किया.
कहा गया है कि कुछ बंदूक़धारियों ने शहर के मुख्य कोर्ट में घुसकर ताबड़तोड़ फ़ायरिंग करनी शुरू कर दी जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई. इसके बाद हमलावरों ने भवन में बम लगाकर विस्फोट कर दिया.
माना जा रहा है कि इस्लामी चरमपंथी संगठन अल-शबाब ने इस हमले को अंजाम दिया है.
इसके कुछ देर बाद ही हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़क पर एक कार बम का पता लगाया गया. इसके बाद हुए विस्फोट में भी चार लोगों की मौत हो गई है. इसमें एक चरमपंथी के अलावा दो तुर्की के नागरिक भी शामिल हैं.
एक तीसरे हमले की भी ख़बरें आई हैं लेकिन उनकी पुष्टि नहीं की जा सकी है.
अल-क़ायदा से संबंध
अल-शबाब का संबंध अल-क़ायदा से बताया जाता है. पिछले दो सालों में मोगादिशु में अल-शबाब पर कई हमले करने के आरोप है.
घटना स्थल पर मौजूद बीबीसी संवाददाता मोहम्मद इब्राहिम के मुताबिक़ हथियार बंद हमलावर कोर्ट परिसर में दाख़िल हुए और फ़ायरिंग करना शुरू कर दिया. इसके बाद ही वहां पर विस्फोट हो गया.
इब्राहिम के मुताबिक़ “हमलों ने सरकार की सत्ता को चुनौती दी है. सड़कों पर पुलिस तैनात कर दी गई है और सरकारी इमारतों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. तुर्की के दो राहत कर्मियों की मौत के बाद सोमालिया में मौजूद राहत कर्मियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खडे़ हो गए हैं.”
हमले के बाद सुरक्षाकर्मियों और हमलावरों के बीच फ़ायरिंग भी हुई. घटना स्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ हमले में कम से कम एक कार बम का इस्तेमाल किया गया.
प्रत्यक्षदर्शी हुसैन अली कहते हैं, “हथियारों से लैस हमलावर कोर्ट में दाख़िल हुए. थोड़ी देर बाद हमने एक धमाका सुना और इसके बाद उन्होंने फ़ायरिंग शुरु कर दी.”
घटना के तुरंत बाद ही मोगादिशु में तैनात युगांडा के सैनिक घटनास्थल पर पहुंच गए. वो अफ़्रीक़ी संघ सेना का हिस्सा हैं.
सोमालिया की सरकार का कहना है कि इस हमले में शामिल सभी हमलावरों को मार गिराया गया है.
इनमें से छह ने आत्मघाती कपड़े पहन रखे थे. अल-शबाब ने कहा है कि हमले में इसके छह लड़ाके मारे गए हैं.
राहत कर्मियों पर हमला
दूसरे प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावर सोमाली सेना की वर्दी पहनकर आए थे.

जान बचाने के लिए लोगों ने ऊपरी मंज़िल की खिड़कियां तोड़ दी और उससे नीचे की ओर छलांग लगा दिया.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कोर्ट शहर के व्यस्ततम इलाक़े में मौजूद है. जब हमला हुआ उस वक़्त यहां बड़े पैमाने पर लोगों की चहल पहल थी. रविवार को सोमालिया में आम दिनों की तरह काम होता है.
वहां मौजूद बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ अगस्त 2011 के बाद ये मोगादिशु पर सबसे ख़तरनाक हमला है. दो साल पहले सोमालिया की सेना और अफ़्रीक़ी संघ की सेना ने मिलकर अल-शबाब के लड़ाकों को शहर से भगा दिया था.
इसके बाद ही इस्लामी चरमपंथी संगठन ने राजधानी में हमला करना शुरु कर दिया. सोमालिया के ज्यादातर ग्रामीण इलाक़ों में इन्ही का क़ब्ज़ा है.
पिछले 20 सालों से सोमालिया में लड़ाकू सरदारों, राजनेताओं और इस्लामी चरमपंथियों के बीच बर्चस्व की जंग जारी है.












