पालतू के चक्कर में कहीं फ़ालतू न जाए प्यार

अकेलापन महसूस हो रहा हो तो दोस्तों या रिश्तेदारों का साथ बहुत काम आता है लेकिन एक सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट के ताजा सर्वेक्षण के मुताबिक ब्रिटेन में लोग उदासी में किसी नजदीकी रिश्तेदार के बजाए अपने पालतू जानवर से जादू की झप्पी लेना अधिक पसंद करते हैं.
माई सोशल नेटवर्क के सर्वेक्षण में शामिल कुल 1,124 लोगों में से लगभग आधे लोगों ने ऐसी राय जाहिर की.
सर्वे में भाग लेने वाले एक तिहाई लोगों ने कहा कि वे साल में 30 दिन तक अपने पालतू पशुओं की देखरेख में बिताते हैं.
ओपिनियन मैटर्स द्वारा मार्च में किये गये इस सर्वेक्षण में पाँच में तीन लोगों ने कहा कि उन्होंने अपने पालतू पशु के लिए सामाजिक कार्यक्रम टाल दिया.
पहला प्यार
सर्वेक्षण में यह बात उभर कर सामने आई है कि करीब 7 फीसदी लोगों ने पशुओं के कारण प्रेमिका से मिलने का कार्यक्रम टाल दिया और 4 प्रतिशत ने काम पर नहीं जाने के लिए बीमार होने का बहाना बना दिया.
वेबसाइट ने इस सर्वेक्षण को 'ब्रिटेन में पालतू पशुओं की गई गिनती' बताया है.
सर्वेक्षण में बताया गया है कि पालतू पशु रखने वाले पांच लोगों में से एक व्यक्ति नियमित रूप से सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर पालतू पशुओं की तस्वीरें साझा करता है.
करीब 10 फीसदी लोग शादी जैसे समारोहों में अपने पशुओं को साथ ले जाना पसंद करते हैं.
बच्चों के समान
ब्रिटेन के पालतू जानवर रखने वाले मालिकों में से एक चौथाई का कहना है कि उनके पशु उनके लिए जानवर नहीं बल्कि बच्चों के समान हैं जबकि 15 फीसदी बताते हैं कि वे अपनी समस्याओं को इन पशुओं के साथ साझा करते हैं.
पशु चिकित्सक एम्मा मिलने कहती हैं, "एक पशु चिकित्सक और पशु कल्याण की पैरोकार के तौर यह बेहद खुशी की बात है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे पशुओं की देखभाल ठीक तरह से हो."
उन्होंने कहा, "प्रत्येक व्यक्ति को उस जिम्मेदारी के प्रति सजग होना चाहिए जो पशु पालने के साथ उनके ऊपर आ जाती है. फिर चाहे वह कुत्ता, बिल्ली, गिनी पिग या मछली ही क्यों न हो और इस गिनती के परिणाम बताते हैं कि ब्रिटेन के ज्यादातर पशु मालिक अपने पशुओं को स्वस्थ्य और सुखी जीवन देने के लिए बेहतरीन काम कर रहे हैं."












