अफ़ग़ानिस्तान: नेटो हमले में 10 बच्चे मरे

अधिकारियों के अनुसार पूर्वी <link type="page"><caption> अफ़ग़ानिस्तान</caption><url href=" Filename: http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/04/130402_afghanistan_attack_aa.shtml" platform="highweb"/></link> में कुनार प्रांत के शिगाल ज़िले में नेटो सैनिकों के ज़रिए किए गए हवाई हमले में 12 लोगों की मौत हो गई है.
उनके अनुसार मारे जाने वालों में 10 बच्चे और दो महिलाएं शामिल हैं.
इस हमले में छह महिलाएं ज़ख़्मी भी हो गई हैं.
गांववालों और अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि सभी लोग अपने घर में थे जब उन पर हवाई हमल हुए और उनकी मौत हो गई.
नेटो ने शिगाल में हमले की तो पुष्टि की है लेकिन उनके अनुसार हमले में आम नागरिकों के मारे जाने के बारे में कोई ख़बर नहीं है.
एक स्थानीय अधिकारी ने कहा कि शनिवार को हुए हवाई हमले में आठ <link type="page"><caption> तालिबान</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130310_karzai_us_taleban_ia.shtml" platform="highweb"/></link> मारे गए थे और उन्हीं हमलों के कारण तीन गांवों के कई घरों के छत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे.
अधिकारी के अनुसार अमरीकी और अफ़ग़ान सेना के एक संयुक्त अभियान में मदद करने के लिए हवाई हमले किए गए थे.
भारी गोलीबारी
क़बायली नेता हाजी मलिका जान ने बीबीसी से कहा, ''शनिवार की सुबह लड़ाई की शुरूआत हुई और ये कम से कम सात घंटों तक चलती रही. दोनों तरफ़ से भारी गोलीबारी होती रही.''
हाजी मलिका जान के अनुसार वो क्षेत्र पाकिस्तानी सीमा से काफ़ी सटा हुआ है और वहां सैंकड़ों स्थानीय और विदेशी लड़ाके मौजूद हैं जिनमें ज़्यादातर पाकिस्तानी हैं.
नेटो ने इस बारे में एक बयान जारी कर कहा, ''कुनार प्रांत में शनिवार को हुई घटना के बारे में हमें जानकारी है जिसमें चरमपंथियों ने अफ़ग़ान और नेटो सेना को निशाना बनाया था.''
नेटो के बयान के अनुसार ज़मीनी लड़ाई में नेटो का कोई सैनिक शामिल नहीं था और नेटो ने केवल हवाई हमले में मदद की थी जिनमें कई चरमपंथी मारे गए थे.
बयान के अनुसार आम नागरिकों के घायल होने की ख़बर नेटो को है लेकिन किसी के मारे जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
अमरीकी सेना 2014 के अंत कर अफ़ग़ानिस्तान से पूरी तरह हटने की तैयारी कर रही है. लेकिन नेटो के हमलों में आम नागरिकों के मारे जाने के मुद्दे पर अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई और अमरीका के बीच भारी मतभेद हैं.












