परमाणु धमकी कोई खेल नहीं: बान की मून

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव <link type="page"><caption> बान की मून</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/06/120620_rio_ban_ki_moon_ml.shtml" platform="highweb"/></link> ने उत्तर कोरिया से अपना रुख बदलने को कहा है. उनके अनुसार <link type="page"><caption> उत्तर कोरिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/04/130404_northkorea_threat_ra.shtml" platform="highweb"/></link> बयानबाजी के मामले में बहुत दूर निकल गया है.
उन्होंने कहा कि वो कोरियाई प्रायद्वीप में "अवांछित तनाव" से चिंतित हैं, जिसके “बहुत ही गंभीर परिणाम” होंगे.
इससे पहले दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री ने कहा कि उत्तर कोरिया ने अपनी एक मिसाइल को पूर्वी तट पर तैनात किया है, जिसकी "अच्छी खासी पहुंच" है.
वहीं उत्तर कोरिया की सरकार ने अमरीका के खिलाफ परमाणु युद्ध की अपनी धमकी को दोहराया है.
हालांकि माना जाता है कि उसकी मिसाइलें परमाणु हथियारों के साथ मार करने में सक्षम नहीं हैं.
उबलती स्थिति
अमरीकी व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्नी ने इन धमकियों को "अफसोसनाक लेकिन चिर परिचित" बताया है. उन्होंने कहा कि अमरीका इनसे निपटने के लिए सभी जरूरी एहतियाती कदम उठा रहा है.
बान की मून ने मैड्रिड में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “परमाणु धमकियां कोई खेल नहीं हैं. ये बहुत ही गंभीर हैं. मैं सोचता हूं कि वो (उत्तर कोरिया) अपनी बयानबाजी में बहुत आगे निकल गए हैं.”
उन्होंने <link type="page"><caption> संकट</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/04/130402_korea_tension_aa.shtml" platform="highweb"/></link> से जुड़े सभी पक्षों से स्थिति को शांत करने और बातचीत शुरू करने की अपील की.
इस बीच रूस ने कहा है कि उत्तर कोरिया की तरफ से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के फैसलों का उल्लंघन किया जाना पूरी तरह अस्वीकार्य है.
उत्तर कोरिया ने औपचारिक रूप से सुरक्षा परिषद के 9 मार्च के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है जिसमें उत्तर कोरिया से अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम रोकने की मांग की गई थी.
फरवरी में उत्तर कोरिया ने अपना तीसरा परमाणु परीक्षण इसका उल्लंघन किया जिसके बाद उसके खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध लगाए गए.

'सिमटती संभावनाएं'
रूसी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एलेक्जेंडर लुकाशेविच ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि उत्तर कोरिया के रुख से छह पक्षीय वार्ता के लिए संभावनाएं सिमट रही हैं.
उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, अमरीका, रूस, चीन और जापान की ये बातचीत आखिरी बार 2008 में हुई थी.
उधर जापान का कहना है कि वो अमरीका के साथ मिल कर उत्तर कोरिया के अगले कदम पर नजर रख रहा है.












