मोटे हैं तो दीजिए ज़्यादा किराया

हवाई जहाज सीट
इमेज कैप्शन, एयर समोआ का कहना है कि उसके फ़ैसले से पतले लोगों और बच्चों के फायदा होगा

हवाई जहाज में सैर करने वाले <link type="page"><caption> मोटे</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/03/130329_obesity_chip_vd.shtml" platform="highweb"/></link> लोगों के लिए एक बुरी ख़बर है. एक विशेष एयरलाइन में अब उन्हें हवाई यात्रा के लिए अपने वज़न के हिसाब से किराए का भुगतान करना पड़ सकता है.

समोआ एयर ने तो यात्रियों के वज़न के हिसाब से किराया वसूलना शुरू भी कर दिया है. इसके साथ ही कंपनी ने उम्मीद जताई है कि दूसरी एयरलाइनें भी उसके नक्शेकदम पर चलेंगी.

समोआ एयर के प्रमुख क्रिस लैंगटन ने अपने इस फ़ैसले का बचाव करते हुए ऑस्ट्रेलिया के एबीसी रेडियो से कहा कि यह यात्रा का सबसे उचित तरीका है.

(<italic>क्या आपने बीबीसी हिन्दी का नया एंड्रॉएड मोबाइल ऐप देखा ? डाउनलोड करने के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link></italic><italic>करें</italic>)

उन्होंने कहा कि एक सीट के लिए भुगतान करने के बजाए यात्री प्रति किलोग्राम के हिसाब से भुगतान करते हैं. यह रूट की लंबाई के मुताबिक अलग-अलग हो सकता है.

जेब ढीली

मोटापा
इमेज कैप्शन, समोआ ऐसे देशों में शामिल है जहां मोटापे का स्तर दुनिया में सबसे ज़्यादा है

समोआ एयर अमरीकी समोआ के लिए उड़ानें संचालित करती है. उसके इस फ़ैसले से मोटे लोगों की जेब तो ढीली होगी लेकिन पतले लोगों और बच्चों को कम किराया देना होगा.

लैंगटन ने कहा,''एयरलाइनें सीटों पर नहीं चलती हैं, वे वज़न पर चलती हैं. अतिरिक्त सामान वगैरह के लिए कोई हमारे लिए एक किलो एक किलो है. बस.''

समोआ एयर एक किलोग्राम वज़न के लिए एक डॉलर से लेकर 4.16 डॉलर तक किराया वसूलती है. यात्रियों को अपने वज़न और सामान के भार का एक साथ भुगतान करना पड़ता है.

लैंगटन ने कहा कि उनके इस कदम से समोआ के लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता बढ़ी है.

समोआ ऐसे देशों में शामिल है जहां <link type="page"><caption> मोटापे</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130317_obesity_heart_risk_vr.shtml" platform="highweb"/></link> का स्तर दुनिया में सबसे ज़्यादा है.

लैंगटन ने कहा,''लोग अब स्वास्थ्य को लेकर बेहद जागरुक हो गए हैं. वज़न के आधार पर किराया लेना भविष्य की अवधारणा है. 50 साल पहले की तुलना में लोग अब ज़्यादा लंबे-चौड़े हो गए हैं. इंडस्ट्री आने वाले दिनों में इस पर विचार करेगी.''