एनजीओ बन कर न रह जाए कैथोलिक चर्च: नए पोप

पोप फ्रांसिस
इमेज कैप्शन, पोप फ्रांसिस अपनी विनम्रता के लिए जाने जाते हैं

नवनिर्वाचित <link type="page"> <caption> पोप</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130314_pope_as_ceo_pk.shtml" platform="highweb"/> </link> फ्रांसिस ने कहा है कि आध्यात्मिक नवीनीकरण के बिना कैथोलिक चर्च एक 'दयालु एनजीओ' बन कर रह जाएगा.

कैथोलिक चर्च के प्रमुख के तौर पर अपने पहले दिन सिस्टीन चैपन में <link type="page"> <caption> पोप फ्रांसिस</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130313_new_pope_profile_aa.shtml" platform="highweb"/> </link> ने कहा, “अगर हम ईसा के सामने अपने गुनाह नहीं कबूलेंगे तो हम क्या हो जाएंगे? हम बस एक दयालु एनजीओ बन कर रह जाएंगे. तब कुछ इसी तरह का होगा कि जैसे बच्चे बालू के किले बनाते हैं और फिर वो सारा गिर जाता है.”

फ्रांसिस पहले ऐसे पोप हैं जो लातिन अमरीका से हैं.

रोम में बीबीसी संवाददाता डेविड विली का कहना है कि 76 वर्षीय पोप कैथोलिक चर्च के प्रमुख के तौर पर अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं.

विश्लेषकों का कहना है कि पोप फ्रांसिस को एक रुढ़िवादी के तौर पर देखा जाता है लेकिन वेटिकन की अफसरशाही में सुधार के लिए उन्हें अहम माना जाता है.

पोप ने चुकाए बिल

बुधवार को जब नए पोप सेंट पीटर्स स्कवेयर की बालकनी पर लोगों के सामने आए थे तो उन्होंने अपनी विनम्रता का परिचय दिया. इससे पहले कि वो वहां मौजूद श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते, उन्होंने अपने लिए उनका आशीर्वाद मांगा.

वेटिकन की तरफ से जारी ब्यौरे में कहा गया है कि <link type="page"> <caption> पोप</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130313_new_pope_gallery_va.shtml" platform="highweb"/> </link> ने वेटिकन जाने के लिए मुहैया कराई गई विशेष कार और सुरक्षा घेरे को छोड़ कर अन्य कार्डिनलों के साथ एक बस में सफर किया.

पोप बनने के बाद वो गुरुवार को उस मकान में भी गए जहां वो वेटिकन में कार्डिनलों का अहम सम्मलेन शुरू होने से पहले रह रहे थे.

वेटिकन के प्रवक्ता फादर फेडेरिको लॉम्बार्दी ने बताया, “उन्होंने अपना सामान बांधा और अपने कमरे से जुड़े सारे बिल चुकाए ताकि अच्छी मिसाल कायम की जा सके.”

रोम में बीबीसी के जेम्स रॉबिंसन का कहना है कि शनिवार को नए पोप अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों से मिलेंगे, और इस दौरान विश्व मुद्दों पर उनका नजरिया दुनिया के सामने आ सकता है.

वेटिकन का कहना है कि फ्रांसिस आधिकारिक तौर पर 19 मार्च को एक विशाल प्रार्थना में अपना कार्यभार संभालेंगे.