घोड़े के मांस के बाद, अब अंडों पर बवाल

जर्मनी की हुकूमत ने अंडों की ख़रीद-बिक्री में हुई धोखेबाज़ी के मामलों की जांच के हुक्म जारी किए हैं.
आरोप है कि विक्रेताओं ने सामान्य अंडों को जैविक अंडे बताकर ग्राहकों को बेचे जो धोखाधड़ी का मामला है.
समझा जाता है कि इस तरह के तक़रीबन ढ़ेढ सौ ऐसे फार्म थे जिन्होंने अंड़ो पर ग़लत ढंग के लेबल लगाकर ग्राहकों को छला था. मामले का भांडाफोड़ जानवरों के अधिकारों की रक्षा करने वाली एक संस्था ने किया.
तस्वीरें
उसने फार्म की कुछ तस्वीरें खींच के ये साबित किया कि वो जैविक फार्म नहीं थे.
एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये मामला लगभग उसी तरह का है जिसमें बीफ़, यानी गाय के मांस वाली खाने की वस्तुओं में घोड़े के गोश्त की मिलावट की जा रही थी.
संवाददाता का कहना है कि दोनों मामलों में सस्ते सामानों को उच्च कोटि का बताकर मंहगे दामों पर बेचा जा रहा था.
'बड़ा धोखा'
जर्मनी के कृषि मंत्री ने कहा है कि अगर धोखाधड़ी साबित हो जाती है तो ये बहुत बड़ा मामला बनकर उभरेगा.
कृषि मंत्री का कहना था कि ये धोखा सिर्फ ग्राहकों के ख़िलाफ़ ही नहीं बल्कि उन सभी जैविक फार्मों के साथ भी होगा जो अपना काम बहुत इमानदारी से कर रहे हैं.












