'गद्दा चुराया' तो चरमपंथियों ने चाकू से हाथ काट दिया

अल्गालास अग मोतकल अपनी बाईं बांह से एक तहख़ाने की दीवार पर लिखे कुछ शब्द-संकेतों की ओर इशारा करते हैं. वह उत्तरी माली के गाओ शहर में इस्लामी चरमपंथियों के शासनकाल के दौरान इसी तहखाने में क़ैद थे.
इसी जेल में एक दिन चरमपंथियों ने चाकू से उनका हाथ काट कर अलग कर दिया था. चरमपंथियों ने उन पर एक गद्दा चुराने का आरोप लगा था.
हालांकि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला. लोग इस तरह की नृशंस घटना से सदमें में हैं.
तीन बच्चों के पिता मोतकल याद करते हुए बताते हैं, “उन्होंने मुझे खंबे से बांध दिया था. कुछ लोगों ने मुखौटा पहना था और उनमें से एक ने मोबाइल पर पूरी सीन को फिल्माया. एक आदमी उस समूह से निकला उसने बेधड़क मेरा हाथ काट दिया.”
क्रूरतम हादसा

माली में पिछले समय चरमपंथियों का बोलबाला था. गाओ शहर के मेयर सदाउ हरौना दायल्लो बताते हैं, “कम से कम 12 लोगों को सार्वजनिक स्तर पर या जेल में ऐसे भयानक हादसे से गुज़रना पड़ा.”
इनमें से पांच लोग ऐसे हैं जिनके एक हाथ और एक पैर काट दिए गए हैं. पैरों को भी चाकू का इस्तेमाल कर काटा गया.
गाव में अब भी भयानक माहौल बरकरार है.
डॉ अब्दुलअज़ीज मैगा बताते हैं कि सबसे खराब दृश्य तब था जब पांच लोगों को एक साथ काटा गया.
वह कहते हैं कि साइकिल के टायर से लिए गए रबर ट्यूब को चरमपंथी बतौर पट्टी बाँध देते हैं ताकि खू़न बहना बंद हो जाए और उन्हें अस्पताल ले जाते हैं.
अपना हाथ गंवा चुके मोतकल हैरत भरे लहजे में कहते हैं, “जब फ्रांस ने इस शहर को मुक्त किया तो शुरु शुरु में हम इतने खुश थे कि हमारा दर्द पूरी तरह गायब हो गया था. लेकिन अब मुझे सबसे ज्यादा डर लगता है.”












