क्या आर्मस्ट्रांग ने अपने पाठकों को भी छला?

साइक्लिंग की दुनिया के चमकते सितारे रहे लांस आर्मस्ट्रांग ने जब ये स्वीकार कर लिया कि अपना प्रदर्शन बेहतर करने के लिए वो दवाएं लेते थे तो जैसे उनकी दुनिया ही बदल गई. कैंसर से लड़ाई और फिर विश्व चैंपियन बननेवाले आर्मस्ट्रांग की जीवनी उनके करिश्माई प्रदर्शन की वजह से खूब बिकी लेकिन अब उन किताबों के कई ख़रीदार अदालत में अपने पैसे वापस किए जाने की लड़ाई लड़ रहे हैं.
सवाल उठता है कि क्या वो पैसे वापस किए जाने के हक़दार भी हैं?
साइक्लिस्ट आर्मस्ट्रांग ने टेलिविज़न पर अपने इंटरव्यू में जब ये स्वीकार किया कि 1999 से 2005 के बीच सात ‘टूर डे फ्रांस’ जीत में उन्होंने धोखा किया था तो उनकी दो किताबें ‘इट्स नॉट अबाउट द बाइक : माई जर्नी बैक टू लाइफ़ ’ (2000) और ‘एवरी सेकेंड काउंट्स’(2003) खोखली और फ़रेब से भरी साबित हो गई.
'छले हुए पाठक'
आर्मस्ट्रांग के अपना गुनाह क़बूलने से उनके लाखों प्रशंसकों को गहरा सदमा पहुंचा और उनकी किताबें जिनमें उन्होंने कैंसर से अपनी लड़ाई और फिर खेल में क़ामयाबी को अपनी ईमानदार कोशिश का नतीजा बताया था, उनके खरीदार अब छला हुआ महसूस कर रहे हैं और अब मुआवज़े की मांग कर रहे हैं.
कैलिफ़ोर्निया के दो लोगों ने आर्मस्ट्रांग और उनके प्रकाशक पेंग्विन और रैंडम हाउस के खिलाफ़ मुक़दमा दायर किया है और अपने पैसे लौटाने और अन्य खर्चों का हर्जाना दिए जाने की मांग की है.

उनका कहना है कि अगर उन्हें ये बात मालूम होती कि आर्मस्ट्रांग ने दवाएं लेकर अपना प्रदर्शन सुधारा और कई मेडल जीते तो कभी किताब पर पैसे खर्च नहीं करते क्योंकि इन दोनों ही किताबों में आर्मस्ट्रांग ने ज़ोर देकर ये कहा है कि उनपर लगाए गए दवाओं के सेवन के आरोप ग़लत हैं.
अपनी पुस्तक ‘एवरी सेकेंड काउंट्स’ में आर्मस्ट्रांग ने एक जगह लिखा है कि “मेरी टीम किसी भी तरह की दवा के सेवन के सख्त खिलाफ़ है.”
साइक्लिंग की दुनिया के हीरो रहे आर्मस्ट्रांग की दूसरी किताब ‘इट्स नॉट अबाउट द बाइक’ दस लाख से ज़्यादा प्रतियां बिकी हैं.
आरोप
अक्टूबर 2012 में अमरीका की एंटी डोपिंग एजेंसी ने जांच के बाद निष्कर्ष दिया था कि आर्मस्ट्रांग ने लगातार धोखा दिया था.
जनवरी 2013 में 41 वर्षीय आर्मस्ट्रांग ने मशहूर टीवी एंकर ओपरा विनफ्रे के शो में ये स्वीकार किया था कि अपने सभी सात टू दि फ्रांस जीत में उन्होंने प्रदर्शन बेहतर करनेवाली दवाइयां इस्तेमाल की थीं.
आर्मस्ट्रांग पहले व्यक्ति नहीं हैं जिन्हें अपनी किताब में किए दावों के झूठे पाए जाने पर मुक़दमे का सामना करना पड़ रहा है.
2006 में लेखक जेम्स फ्रे को पाठकों और प्रकाशक के मुकदमों का सामना करना पड़ा था. उन्होंने अपनी किताब ‘ए मिलियन लिटिल पीसेज़’ में नशे की लत छोड़ने को लेकर झूठा दावा किया था.
उसके बाद फ्रे और प्रकाशक रैंडम हाउस 11.49 लाख पाउंड का हर्जाने की रकम पर राज़ी हो गए थे. प्रकाशक ने कोर्ट की फीस की रकम अदा करने और पाठकों को उनके पैसे लौटाने को अपनी सहमति दे दी थी.
इसी तरह का एक मुकदमा 2011 में ‘थ्री कप्स ऑफ़ टी’ के लेखक ग्रेग मॉर्टेन्सन के खिलाफ दायर हुआ था.
आर्मस्ट्रांग के मामले में पेंग्विन के वकीलों का कहना है कि इस मुकदमे को खारिज कर दिया जाना चाहिए.
'प्रेरक किताब'
बौद्धिक संपदा अधिकार संबंधी मामलों के विशेषज्ञ और ब्रैंड लाइसेंसिंग एजेंसी बीनस्टॉक के प्रमुख ओलिवर हर्जफ़ेल्ड का कहना है कि ज्यादा संभावना है मामले का निपटारा अदालत के बाहर ही हो जाएगा.
उन्होंने कहा, " मुझे लगता है कि सभी पक्ष नहीं चाहेंगे कि मामला अदालत में खिंचे."

आर्मस्ट्रांग के खिलाफ़ मुकदमा दायर करनेवाले राजनीतिक कंसल्टेंट रॉब स्टट्ज़मैन और जोनाथन व्हिलर ने अपनी दलील में कहा है कि वो किताबें खरीदने और पढ़ने के शौक़ीन नहीं हैं लेकिन आर्मस्ट्रांग की किताब से वो बहुत प्रभावित हुए थे और उन्होंने कई दोस्तों को इस किताब को पढ़ने की सलाह दी थी.
हालांकि कई लोग ऐसा नहीं मानते कि जिन लोगों ने आर्मस्ट्रांग की किताब खरीदी उन्हें पैसे लौटाए जाने चाहिए.
कैंसर का सामना कर रहे माउंटेन बाइकर रिचर्ड सैलिसबरी ने आर्मस्ट्रांग की किताब ‘इट्स नॉट अबाउट द बाइक’ पढ़कर ही 2002 में दोबारा खेल में लौटने का फैसला किया था.
उनका कहना है कि, “इन किताबों ने कई लोगों को अपने बुरे दिन से उबरने में मदद की है. जो प्रेरणा पुस्तक से मिली है उसे वापस नहीं लिया जा सकता.”
बहरहाल इस मुकदमे पर प्रकाशन उद्योग की बारीक नज़र रहेगी.
विकिलीक्स के संस्थापक जुलियन असांज की किताब “अनअथॉराइज्ड ऑटोबायोग्राफ़ी” प्रकाशित करनेवाले कैननगेट बुक्स के कार्यकारी निदेशक जेमी बिंग इस बात से सहमत हैं कि प्रकाशकों को किताब छापने से पहले नॉन-फिक्शन किताबों की सत्यता की जांच कर लेनी चाहिए लेकिन ये भी सच है कि आत्मकथात्मक पुस्तकें शायद ही पूरी तरह पारदर्शी हो सकती हैं.
वो कहते हैं, “मैं आर्मस्ट्रांग का बचाव करने की कोशिश नहीं कर रहा लेकिन कोई पहली बार नहीं हुआ है और शायद आखिरी बार भी नहीं है.”












