नौकरी को 'आउटसोर्स' कर ऐश के दिन गुज़ारे

अमरीका की एक कंपनी ने अपने दफ़्तर की अंदरूनी जांच में पाया है कि उनका एक कर्मचारी चीन की कंपनी को अपना काम और ज़िम्मेदारियां 'आउटसोर्स' कर ख़ुद आराम के दिन गुज़ार रहा था.
चालीस वर्षीय इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपना काम चीन की एक कंपनी को सौंपने के बाद दफ्तर में अपना समय इंटरनेट, यू-ट्यूब और ई-बे जैसी वेबसाइट्स पर तफ़री करते हुए गुज़ारा.
कंपनी के मुताबिक यह कर्मचारी अपने वेतन का पाँचवाँ हिस्सा चीन के शेनयांग इलाके में मौजूद एक कंपनी को काम करने के लिए दिया करता था.
ये मामला तब सामने आया जब अमरीका की कंपनी 'वेरिज़ॉन' को कंपनी के भीतर तकनीकी स्तर पर सुरक्षा में सेंध की आशंका हुई और मामले की अंदरूनी जांच कराई गई.
तकनीक का फायदा उठाया
वेरिज़ॉन कंपनी से जुड़े एंड्रियू वैलेंटाइन के मुताबिक, ''कंपनी ने कुछ समय पहले अत्याधुनिक तकनीक को अपनाते हुए अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को घर से काम करने की इजाज़त दी थी. इसके लिए कंपनी ने उच्च तकनीक से लैस वीपीएन सिस्टम लागू किया. इसके बाद कंपनी ने पाया कि पिछले कई महीनों से एक कर्मचारी के कंप्यूटर और शेनयांग की एक कंपनी के बीच वीपीएन एकाउंट के ज़रिए काम हो रहा था.''
वैलेंटाइन के मुताबिक, ''कंपनी ने जो जांच कराई वो पूरी तरह से इस कर्मचारी पर आधारित थी. इस कर्मचारी के नाम पर ही चीनी कंपनी ने वीपीएन के ज़रिए कंपनी के अंदरूनी नेटवर्क पर कई महीनों तक काम किया.''
बाद में इस कर्मचारी के कंप्यूटर से कई पीडीएफ दस्तावेज़ और चीनी कंपनी की ओर से जारी हुई भुगतान की रसीदें पाई गईं.
कर्मचारी ने अपना ‘टोकन’ चीन की कंपनी को कुरियर से भिजवाया और चीनी कंपनी ने आधे से भी कम वेतन में कई महीनों तक इस कर्मचारी की नौकरी की.
जांच में पाया गया है कि ये घोटाला इलाके की कई कंपनियों में चल रहा था. ये कर्मचारी अब कंपनी में काम नहीं कर रहा है.












