संयुक्त राष्ट्र ने पोलियो टीकाकरण अभियान रोका

पाकिस्तान
इमेज कैप्शन, पाकिस्तान दुनिया के उन तीन देशों में शामिल है जहां पोलियो अभी भी बड़ी बीमारी बनी है

पाकिस्तान में पोलियो टीकाकरण के लिए काम करने वाले कर्मचारियों पर फिर हमले की खबर है. इसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने वहाँ पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम रोक दिया है.

ताजा घटना में पेशावर में कुछ बंदूकधारियों ने तीन कर्मचारियों की गोली मारकर हत्या कर दी.

मरने वालों में टीकाकरण अभियान से जुड़ी एक महिला पर्यवेक्षक और उनका ड्राइवर शामिल है. जबकि एक अन्य घटना में इस अभियान से जुड़े एक छात्र को भी गोली मार दी गई.

मंगलवार को कराची में कुछ महिला कर्मचारियों की हत्या के बाद ये घटना हुई है और अब संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि वह तीन दिन का ये पोलियो टीकाकरण अभियान रोक रहा है.

फिलहाल इस घटना की जिम्मेदारी किसी समूह ने नहीं ली है, लेकिन तालिबान संयुक्त राष्ट्र समर्थित इस कार्यक्रम का शुरू से ही विरोध करता आ रहा है.

यूनीसेफ़ के प्रवक्ता माइकल कोलमैन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की बच्चों की संस्था यूनीसेफ़ और विश्व स्वास्थ्य संगठन राष्ट्र स्तरीय ये कार्यक्रम बुधवार के ख़ून ख़राबे के बाद फ़िलहाल रोक रहे हैं.

पाकिस्तान दुनिया के उन तीन देशों में शामिल है जहां पोलियो अभी भी एक बड़ी बीमारी है.

पुलिस का कहना है कि पेशावर में स्वयंसेवक विद्यार्थी के सिर में मोटर साइकिल सवार कुछ लोगों ने उस वक्त गोली मार दी जब वो पोलियो उन्मूलन अभियान में हिस्सा ले रहा था.

निंदा

मंगलवार को हुई घटना की प्रधानमंत्री राजा परवेज़ अशरफ ने निंदा की थी और कार्यक्रम को जारी रखने की अपील की थी.

प्रधानमंत्री अशरफ़ ने राज्यों के अधिकारियों से भी इस अभियान में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की थी.

पाकिस्तान में इस तरह के पोलियो अभियान का विरोध होता रहा है. ये विरोध तब से और ज़ोर पकड़ चुका है जब ये बात सामने आई कि अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए ने हेपेटाइटिस के टीके का एक फ़र्ज़ी अभियान चलाया जिसके ज़रिए 2011 में ओसामा बिन लादेन को खोजने में मदद मिली थी.

चरमपंथी इससे पहले विदेशी ग़ैर सरकारी संगठनों के लोगों को निशाना बना चुके हैं. अफ़ग़ानिस्तान और नाइजीरिया के अलावा पाकिस्तान में पोलियो काफ़ी व्यापक स्तर पर है.