पोलैंड में जानवरों को हलाल किए जाने पर रोक

हलाल
इमेज कैप्शन, यूरोप के एक सूपर बाज़ार में बिक रहा हलाल गोश्त.

पोलैंड की सबसे बड़ी अदालत ने जानवरों को 'हलाल' किए जाने पर पाबंदी लगा दी है.

अदालत के एक ट्रिब्यूनल ने कहा है कि बैग़ेर बेहोश किए जानवर की गर्दन काटने से ख़ून बहकर मौत होना मुल्क के क़ानून के ख़िलाफ़ है.

अपनी धार्मिक मान्यताओं की वजह से यहूदी और मुसलमान जानवरों को इसी तरह से ज़बह करते हैं. हालांकि दोनों मज़हब के लोग लगभग एक तरह से ही जानवरों को ज़बह करते हैं लेकिन यहूदी इसे 'कौसर' और मुसलमान अपने तरीक़े को 'हलाल' कहते हैं.

पोलैंड की अदालत का ये फ़ैसला एक ऐसे समय आया है जब अल्पसंख्यकों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यूरोपीय संघ एक ऐसे क़ानून को मंज़ूरी देने वाला है जिसके तहत ज़बह करने के इन तरीक़ों को मान्यता मिलेगी.

स्वीडन में मनाही

पोलैंड में मुसलमानों और यहूदियों की आबादी कम है जो वहां भी जानवरों के अपने तरीक़े से अपनाते हैं.

मुल्क में 17 बूचड़ख़ानों को ऐसे लाइसेंस जारी किए गए थे जिसमें जानवरों को धार्मिक तरीक़े से मारे जाने की आज्ञा थी.

स्वीडन में पहले ही इस तरह से जानवरों को ज़बह किए जाने पर पाबंदी लगी हुई है.

सरकारी रेडियो सेवा के मुताबिक़ न्यायालय ने ये फ़ैसला जानवरों के हक़ों और बेहतरी के लिए काम करने वाली संस्थाओं की शिकायत के बाद लिया है.

अल्पसंख्यकों के अधिकार

फ्रांस हलाल
इमेज कैप्शन, फ्रांस और यूरोप के कई अन्य मुल्कों में भी मुस्लिम और यहूदी आबादी हलाल की मांग करती है.

हालांकि इस फ़ैसले के विरोधियों का कहना है कि इससे ये संदेश जाएगा कि पोलैंड में अल्पसंख्यकों के अधिकारों का आदर नहीं किया जाता.

यूरोपीय संघ इस मामले पर जो क़ानून बन रहा है वो जनवरी से लागू होगा.

हालांकि ये साफ़ नहीं कि संघ का क़ानून पोलैंड के क़ानून से ऊपर होगा या वहां देश का ही अपना फ़ैसला जारी रहेगा.

देश में यहूदियों के संघ के प्रमुख पोएट काडलक ने कहा कि अदालत का फ़ैसला उनके समुदाय और पोलैंड की हुकुमत के बीच 1997 में हुए एक समझौते के विरूद्ध है.

चूंकि नाज़ियों के दौर में पोलैंड में यहूदियों की बड़ी तादाद में हत्या हूई थे इसलिए उन्हें वहां काफ़ी अहमियत हासिल है.

पोलैंड से हलाल गोश्त मध्य-पूर्व के कई मुल्कों में निर्यात किया जाता है.