बर्मा के रखाइन में ताजा झड़पें, 56 की मौत

बर्मा में अधिकारियों का कहना है कि रखाइन राज्य में रविवार से शुरू हुई झड़पों में कम से कम 56 लोग मारे गए हैं.
दो कस्बों में रात को लगे कर्फ्यू के बावजूद बुधवार की रात भी हिंसा हुई जिसमें कई लोग मारे गए.
रखाइन राज्य में इस साल जून में भी हिंसा भड़क उठी थी जिसमें 90 लोग मारे गए थे. तभी से रखाइन में बौद्धों और मुसलमानों के बीच तनाव चल रहा है.
ये अभी साफ नहीं है कि ताजा झड़पें किस कारण से हुई हैं. बौद्ध और मुस्लिम, दोनों ही समुदाय के लोग हिंसा के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार बता रहे हैं.
पुराना है टकराव
रखाइन प्रांत के सरकारी प्रवक्ता विन म्याइंग ने गुरुवार को बीबीसी बर्मी सेवा को बताया कि रविवार से शुरू हुई हिंसा में अब तक 56 लोग मारे जा चुके हैं.
इस हिंसा में एक हजार घर भी जला दिए गए हैं. मिन ब्या और म्राउक ओ कस्बों में पुलिस को तैनात किया गया है और वहां कर्फ्यू लगा दिया गया है.
इससे पहले मई में एक बौद्ध महिला का तीन मुस्लिम युवाओं द्वारा कथित रूप से बलात्कार किए जाने पर हिंसा शुरू हुई थी, जो कई हफ्तों तक चली.
जून के महीने में इन झड़पों ने पूरे रखाइन राज्य को अपनी चपेट में ले लिया जिसमें 90 लोगों की मौत हुई.
रखाइन में बौद्ध और मुस्लिम समुदाय का लंबे समय से टकराव रहा है. इस राज्य में रहने वाले ज्यादातर मुसलमानों में रोहिंग्या लोग हैं.
बर्मा की सरकार रोहिंग्या लोगों को गैरकानूनी आप्रवासी मानती है. अगस्त में सरकार ने हिंसा की जांच पड़ताल के लिए एक आयोग बनाया था. अधिकारी इस मामले में संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में जांच को खारिज कर चुके हैं.












